धर्म की रक्षा और पापियों के सर्वनाश के लिए प्रभु लेते हैं अवतार- आचार्य अखिलेश

धर्म की रक्षा और पापियों के सर्वनाश के लिए प्रभु लेते हैं अवतार- आचार्य अखिलेश

खुटहन।
संतलाल सोनी
तहलका 24×7
               पृथ्वी पर जब-जब राक्षसी प्रवृत्ति का अत्याचार और पाप बढ़ा। पूजा, पाठ, जप, तप व सत्कर्मो में आसुरी शक्तियों ने बिघ्न और बाधाएं डाली, तब तब प्रभु किसी न किसी स्वरूप में पृथ्वी पर अवतरित होकर अधर्मियों का नाश कर धर्म की स्थापना किए है। कंस का अत्याचार जब असह्य हो गया। पृथ्वी मां भी उसके पापकर्मो से मर्माहत हो गई। तब प्रभु श्रीकृष्ण का अवतरण हुआ। भगवान ने सभी पापियो का नाश कर फिर से धर्मयुग का शुभारंभ किया। उक्त बातें सौरइयां गांव में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा में जुटे श्रद्दालुओं को संबोधित करते हुए प्रख्यात कथावाचक अखिलेश चंद्र मिश्र जी महाराज ने कही।

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत सबसे प्राचीन धर्म ग्रन्थ है। इसके श्रवण, मनन, वाचन और आचरण में समाहित कर लेने मात्र से मानव भव को पार हो जाता है। यह हमें सत्कर्म की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन बड़े भाग्य से मिला है। इसे ब्यर्थ में न गवांये। गृहस्थ आश्रम का पालन करते हुए उस परम पिता का स्मरण करते रहिए। सबसे बड़ा पूण्य कर्म है सत्कर्म। मात्र इसे अपने जीवन चरित्र में धारण कर मानव ईश्वर को आसानी से प्राप्त कर सकता है। झूठ मत बोलो, बेमानी से बचो, ईर्ष्या द्वेष और अहंकार को पास मत आने दो। आपका स्वतः ही कल्याण हो जायेगा। इस मौके पर युवा नेता दिनेश कांत यादव, महेंद्र तिवारी, ओम प्रकाश पांडेय, प्रमोद यादव, संतोष शर्मा, केशव तिवारी, बंटू सिंह, राहुल तिवारी आदि मौजूद रहे।
Previous articleसमाजसेवी राजेश ने लावारिश कुष्ठ रोगी वृद्ध महिला को पहुंचाया अस्पताल
Next articleजौनपुर : किशोर न्याय अधिनियम विषय पर संगोष्ठी आयोजित
Tahalka24x7
तहलका24x7 की मुहिम... "सांसे हो रही है कम, आओ मिलकर पेड़ लगाएं हम" से जुड़े और पर्यावरण संतुलन के लिए एक पौधा अवश्य लगाएं..... ?