प्रयागराज हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा:बेटे ने दोस्त संग परिवार की हत्या की,फिर दोस्त ने उसे भी मार डाला
प्रयागराज।
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साउथ मलाका क्षेत्र में बंद मकान से दंपति, उनकी बेटी और बेटे के शव मिलने के बहुचर्चित हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है।पुलिस के अनुसार,परिवार के बेटे अभिषेक वैश्य ने अपने दोस्त सनी गुप्ता के साथ मिलकर माता-पिता और बहन की हत्या की।बाद में गहनों और नकदी के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में सनी ने अभिषेक की भी हत्या कर दी।पुलिस ने आरोपी सनी गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार ने बताया कि कीडगंज निवासी मंजीत केसरवानी की सूचना पर पुलिस बंद मकान में पहुंची थी।घर का ताला तोड़ने पर वीरेंद्र वैश्य (70),उनकी पत्नी अनीता वैश्य (65) और बेटी मीनाक्षी (40) के शव बरामद हुए थे।वीरेंद्र और अनीता के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया था,जबकि मीनाक्षी का शव सीढ़ियों के पास मिला था।बाद में मकान के नीचे स्थित दुकान से बेटे अभिषेक का शव भी बरामद हुआ।

जांच में सामने आया कि अभिषेक का अपने पिता से संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।वर्ष 2022 में पिता ने उसे भी संपत्ति से बेदखल कर दिया था।आर्थिक तंगी और कर्ज में डूबे अभिषेक ने अपने दोस्त सनी गुप्ता के साथ मिलकर पूरे परिवार की हत्या और गहने लूटने की साजिश रची।पुलिस के मुताबिक 31 मई को अभिषेक ने सनी को दुकान पर बुलाकर बीयर,कचौड़ी और सिगरेट के साथ पार्टी की।इसी दौरान दोनों ने परिवार की हत्या की योजना को अंजाम देने का फैसला किया।

शाम करीब पांच बजे मीनाक्षी दुकान खोलने पहुंची तो अभिषेक ने लोहे की रॉड से उसके सिर पर हमला कर दिया।सनी की मदद से उसे ऊपर ले जाया गया,जहां उसकी मौत हो गई।इसके बाद दोनों ने ऊपर जाकर सो रहे वीरेंद्र और अनीता पर भी रॉड से हमला कर उनकी हत्या कर दी।हत्या के बाद दोनों ने शवों पर कपड़े डाल दिए और घटना को दूसरी दिशा देने के लिए एक दफ्ती पर लाल पेन से लिखा,”बंटी-बबली बहू ने मारा”।पुलिस के अनुसार यह संदेश अभिषेक के बड़े भाई अश्विनी और उसकी पत्नी को फंसाने के उद्देश्य से लिखा गया था,जिन्हें परिवार में इसी नाम से पुकारा जाता था।

इसके बाद हत्या में इस्तेमाल से जुड़े दस्तावेज,मोबाइल फोन,लैपटॉप,कपड़े और अन्य सामान पानी की टंकी में फेंक दिए गए।पुलिस की पूछताछ में आरोपी सनी ने बताया कि वारदात के बाद दोनों गहने और नकदी लेकर नीचे दुकान में आए।गहनों के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया।इसी दौरान सनी ने उसी लोहे की रॉड से अभिषेक की भी हत्या कर दी।इसके बाद उसने सबूत मिटाने के लिए दुकान में मौजूद डिटर्जेंट,टॉयलेट क्लीनर,ब्लीचिंग पाउडर,हल्दी और सरसों का तेल चारों शवों पर डाल दिया।

सीसीटीवी फुटेज में सनी,वीरेंद्र के कपड़े और जूते पहनकर परिसर से बाहर जाता दिखाई दिया,जिससे पुलिस को अहम सुराग मिला।पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से आरोपी की पहचान की।पूछताछ में सनी ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया।मामले में प्रारंभिक स्तर पर बरती गई लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर ने साउथ मलाका चौकी प्रभारी और कोतवाली के एक उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया है।यह हत्याकांड संपत्ति विवाद,लालच और विश्वासघात की ऐसी कहानी बनकर सामने आया है,जिसने पूरे प्रयागराज को झकझोर कर रख दिया।


















