‘बल्ले-बल्ले’वाली वायरल खबर बनी गुरुजी की मायूसी
# बीईओ बोले- अवकाश का कोई आधिकारिक आदेश नहीं,सिर्फ मीडिया में होने की चर्चा
सुइथाकला, जौनपुर।
राजेश चौबे
तहलका 24×7
छुट्टी किसे पसंद नहीं होती? सोमवार को क्षेत्र के शिक्षकों के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।कांवड़ यात्रा के मद्देनजर आधे दिन बाद स्कूलों में अवकाश की वायरल खबर ने सुबह-सुबह गुरुजी लोगों के चेहरों पर मुस्कान ला दी,लेकिन कुछ ही घंटों बाद असमंजस के बीच यह खुशी मायूसी में बदल गई।बताया जाता है कि विगत सात जुलाई को‘बेसिक शिक्षा न्यूज’नामक फेसबुक पेज से राज्य सरकार के हवाले से एक आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

इसमें कांवड़ यात्रा के मद्देनजर सोमवार को स्कूलों का संचालन दोपहर 12:15 बजे तक किए जाने और इसके बाद अवकाश रहने की बात कही गई थी।आदेश वायरल होते ही विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में शिक्षक एक-दूसरे को संदेश भेजकर‘बल्ले-बल्ले’करने लगे।कई शिक्षकों ने तो आधे दिन के बाद घर लौटने की तैयारी भी कर ली थी।बच्चों में भी छुट्टी को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।हालांकि सोमवार को शिक्षा विभाग अथवा जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई।

इसके बाद शिक्षक एक-दूसरे को फोन कर यह पता लगाने में जुटे रहे कि आखिर छुट्टी है या नहीं।इस असमंजस का असर बच्चों और अभिभावकों पर भी पड़ा।कई अभिभावक बच्चों को लेकर स्कूल पहुंचे, लेकिन अवकाश को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश सिंह ने बताया कि अवकाश की बात केवल मीडिया में होने की चर्चा है।विभाग के पास इस संबंध में कोई आधिकारिक पत्र अथवा आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।

बीईओ के बयान के बाद सुबह से‘बल्ले-बल्ले’कर रहे शिक्षकों की खुशी दोपहर तक मायूसी में बदल गई। वहीं शिक्षक नेता डॉ.रणंजय सिंह और सुधाकर सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर अपुष्ट सूचनाएं वायरल होने से हर बार ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है।विभाग को चाहिए कि अवकाश जैसी महत्वपूर्ण सूचनाएं समय से आधिकारिक पत्र के माध्यम से जारी की जाएं,ताकि शिक्षक,छात्र और अभिभावक किसी तरह के भ्रम और परेशानी में न पड़ें।

















