मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन से सुप्रीम कोर्ट नाराज
# अधिकारियों को जारी किया अवमानना का नोटिस, दो हफ्ते में मांगा जवाब
नई दिल्ली।
तहलका न्यूज नेटवर्क
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में मदनी मस्जिद पर बीते दिनों प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की थी।मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। साथ ही अधिकारियों से दो हफ्ते में जवाब मांगा है।सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि क्यों ना जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए।

कोर्ट ने कहा कि अगले आदेश तक कोई तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। कुशीनगर जिला प्रशासन का बुलडोजर अगले आदेश तक खामोश रहेगा।दरअसल मस्जिद के एक हिस्से को अवैध बताकर गिराए जाने के लिए उत्तरदायी उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि मदनी मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन बीते 13 नवंबर, को दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन है।

बता दें कि नवंबर के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सूचना और सुनवाई का अवसर दिए बिना देश भर में तोड़फोड़, बुलडोजर की कार्रवाई पर रोक लगाई गई थी। इसको लेकर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी भी की थी। अब मदनी मस्जिद के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम फिर से आदेश दे रहे हैं कि ऐसा कोई भी कदम हमारे आदेशों का उल्लंघन होगा।कोर्ट ने डीएम समेत सभी जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए कहा कि अवमानना करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

मालूम हो कि मदनी मस्जिद के खिलाफ 9 फरवरी को बुलडोजर एक्शन हुआ था। प्रशासन ने मदनी मस्जिद के अवैध हिस्सों को गिरा दिया था।मस्जिद तोड़ने का आदेश नगर पालिका की अधिशासी अभियंता मीनू सिंह ने दिया था। इस घटना पर खूब हंगामा हुआ था और विपक्ष ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा था। सपा और कांग्रेस के नेताओं ने मस्जिद के लोगों से मुलाकात की थी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया कि सीएम योगी आदित्यनाथ के इशारे पर प्रदेश में आपसी वैमनस्यता फैलाई जा रही है।
















