किसानों को कर्ज नहीं फसल के दाम चाहिएः नरेश टिकैत
मुजफ्फरनगर।
तहलका न्यूज नेटवर्क
भारतीय किसान यूनियन की बहुप्रतीक्षित किसान मजदूर महापंचायत में यूनियन मुखिया नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों को कर्ज नहीं, सरकार से अपनी फसलों के दाम की गारंटी चाहिए। जो सरकार देने में आना कानी कर रही है, उनको सस्ते कर्ज का सुनहरा सपना दिखाकर। उनका घर और खेती की जमीन भी ये सरकार पूजीपतियों के हाथों पहुंचाने का रास्ता तय कर रही है।

भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों को अपना हक पाने के लिए एक होना पड़ेगा, आंदोलन का रास्ता चुनना होगा, वरना ये सरकारें उनको कहीं का नहीं छोड़ेंगी। ये लड़ाई ही हमारा अस्तित्व बचाने में सहायक होंगी। भाकियू के बैनर तले शहर के नई मंडी क्षेत्र में कूकड़ा मंडी स्थल पर किसान मजदूर महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें सवेरे से ही किसानों का पूरा सैलाब उमड़ा नजर आया। गांव देहात के साथ ही दूसरे जनपदों से भी यहां किसान भारी संख्या में पहुंचे और उनके वाहनों के शहर में आने के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई।

रात्रि से ही भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत महापंचायत की तैयारियों की निगरानी में सभा स्थल पर डटे थे। सवेरे से ही यहां पर किसानों के पहुंचने का दौर शुरू हो गया था। दोपहर बाद भाकियू के अध्यक्ष चौ. नरेश टिकैत किसानों और यूनियन के वरिष्ठ नेताओं के साथ महापंचायत में पहुंचे तो किसानों का जोश दोगुना हो गया। उन्होंने सभा को सम्बोधित करते हुए भाजपा सरकारों पर जमकर कटाक्ष किया। नरेश टिकैत ने कहा कि किसान कर्जदार हो रहा है। उसको खेती में फसल के दाम की गारंटी चाहिए, कर्ज नहीं चाहिए। किसानों को फसल के दाम की गारंटी देने में ये सरकार विफल हो रही है, केवल कागजी बात की जा रही है।

उन्होंने कहा कि किसानों को अपना हक और फसलों का दाम पाने के लिए ये लड़ाई एकजुट होकर लड़नी होगी। सरकार किसानों की ताकत को तोड़कर कमजोर करने में लगी है, हमें संभलना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं कराती है तो यह आंदोलन बड़ा कर दिया जायेगा।

इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा का प्रतिनिधिमण्डल महापंचायत में प्रतिभाग करने के लिए पहुंचा। इसमें शामिल पदाधिकारियों का भाकियू प्रवक्ता चौ. राकेश टिकैत ने मंच पर स्वागत किया। सभा को सम्बोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि ये सरकार किसानों के नाम पर सिर्फ बातें ही कर रही है। आंदोलन न हों तो किसानों की जमीन भी नहीं बच पायेगी। सरकार ऐसी योजना ला रही है, जिसमें किसान हकदार नहीं कर्जदार बन जायेगा और कर्ज बढ़ेगा तो वो न घर का रहेगा और न ही खेत का रह पायेगा।

महापंचायत में उन्होंने कहा कि ये सरकार किसानों की हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन अभी तक गन्ना मूल्य घोषित नहीं कर पाई है। मिलों ने सरकार की शह पर ही किसानों का अरबों रुपये का भुगतान दबाया है। उन्होंने महांपचातय में गन्ना मूल्य बढोतरी, भाव घोषित करने, बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान, एमएसपी गारंटी कानून, नलकूपों पर बिना शर्त मुफ्त बिजली, एनजीटी कानून, सम्पूर्ण कर्ज माफी सहित सभी मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद करते हुए आरपार की लड़ाई का ऐलान किया।

महापंचायत में मुख्य रूप से भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा, प्रदेश महासचिव योगेश शर्मा, ओमपाल सिंह मलिक, प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज पहलवान, धीरज लाटियान, वेस्ट यूपी अध्यक्ष पवन खटाना, जिलाध्यक्ष नवीन राठी, जिलाध्यक्ष हरिद्वार विजय शास्त्री, विकास शर्मा, अशोक घटायन, प्रमोद अहलावत, कपिल सोम सहित कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे।
















