युवती के अपहरण व छेड़खानी के आरोपी दो सिपाही जेल भेजे गए
# डीआईजी ने कसया थाने पहुंचकर अधिकारियों से ली घटना की पूरी जानकारी, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
कुशीनगर।
तहलका 24×7
कसया थाना क्षेत्र में युवती के कथित अपहरण और छेड़खानी के मामले में गिरफ्तार दो सिपाहियों उमाशंकर यादव और महेंद्र यादव को कोर्ट में पेश किया गया,जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। कोर्ट में पेश करने से पहले दोनों का कसया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल परीक्षण कराया गया।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है।

पीड़ित युवती और ढाबा संचालक से घटना के संबंध में पूछताछ कर पुलिस महत्वपूर्ण जानकारियां जुटा रही है। साथ ही घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज,ढाबा संचालक को सिपाही की ओर से की गई व्हाट्सएप कॉल,मोबाइल लोकेशन तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।शाम करीब पांच बजे डीआईजी गोरखपुर एस. चनप्पा कसया थाने पहुंचे।

उन्होंने एसपी केशव कुमार,सीओ सिटी राकेश प्रताप सिंह और कसया सीओ डॉ.अजय कुमार सिंह से घटना की विस्तृत जानकारी ली।डीआईजी ने आरोपियों की ओर से लगाए गए आरोपों और पुलिस द्वारा अब तक जुटाए गए साक्ष्यों की भी समीक्षा की।डीआईजी करीब ढाई घंटे तक थाने में रहे और घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की जानकारी लेने के साथ ही जांच की प्रगति पर अधिकारियों से चर्चा की।बताया गया कि कसया थाने पर तैनात आरोपी दोनों सिपाही सोमवार देर रात एक ढाबा संचालक से मारपीट कर रहे थे।

इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली दो सगी बहनें कथित तौर पर बीच-बचाव करने पहुंचीं।आरोप है कि सिपाहियों ने बड़ी बहन को जबरन स्कॉर्पियो में बैठा लिया और उसे गोरखपुर की ओर ले गए।पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि हाईवे पर चलती स्कॉर्पियो में उसके साथ छेड़खानी और गलत हरकत की गई।पुलिस अब पीड़िता के बयान,सीसीटीवी फुटेज,मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर मामले की जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार दोनों बहनें बिहार के सिवान जिले की रहने वाली हैं और कसया में किराये के कमरे में रहकर ब्यूटी पार्लर संचालित करती हैं।पुलिसकर्मियों पर लगे गंभीर आरोपों के बाद विभागीय स्तर पर भी मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।अब जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।


















