रजिस्ट्री से पहले होगी मालिकाना हक की जांच,फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
लखनऊ।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
उत्तर प्रदेश में जमीन की खरीद-फरोख्त को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।अब किसी भी भूमि की रजिस्ट्री से पहले उसके मालिकाना हक का विस्तृत सत्यापन किया जाएगा।यदि जांच के दौरान दस्तावेजों या राजस्व अभिलेखों में कोई विसंगति मिलती है अथवा स्वामित्व स्पष्ट नहीं होता,तो रजिस्ट्री की प्रक्रिया रोक दी जाएगी।

नए प्रावधानों के तहत रजिस्ट्री से पहले खसरा खतौनी, नामांतरण और अन्य राजस्व अभिलेखों का अनिवार्य सत्यापन किया जाएगा।साथ ही फर्जी दस्तावेजों के आधार पर होने वाली रजिस्ट्रियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए उप-निबंधक को संदिग्ध मामलों में रजिस्ट्री रोकने का अधिकार भी दिया जाएगा।इस संबंध में विधेयक उत्तर प्रदेश विधानसभा से पारित हो चुका है।

केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद नए नियम पूरे प्रदेश में लागू किए जाएंगे।सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से फर्जी रजिस्ट्री,भूमि धोखाधड़ी और विवादित संपत्तियों के अवैध हस्तांतरण पर रोक लगेगी।साथ ही वास्तविक भूमि स्वामियों के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी और रियल एस्टेट लेन-देन में पारदर्शिता एवं लोगों का भरोसा बढ़ेगा।


















