लोकसभा से पास हुआ एंटी पेपर लीक बिल,अब 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान
नई दिल्ली।
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देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आए पेपर लीक मामलों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए बुधवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक,2026 पारित करा लिया।दो दिन तक चली तीखी बहस और विपक्ष के हंगामे के बीच विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दी गई।सरकार का कहना है कि इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और पेपर लीक माफिया पर प्रभावी अंकुश लगेगा।

यह संशोधन 2024 में बने कानून को और अधिक प्रभावी बनाता है।सरकार का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है।ऐसे में नए संशोधन के जरिए संगठित गिरोहों और उनकी मदद करने वालों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई का रास्ता साफ किया गया है।पेपर लीक और परीक्षा धोखाधड़ी में शामिल लोगों के लिए 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान और दोषियों पर भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा।

संगठित गिरोहों,बिचौलियों और संस्थानों की जवाबदेही तय की जाएगी।परीक्षा कराने वाली एजेंसियों और सेवा प्रदाताओं पर भी कड़ी कार्रवाई संभव होगी।गंभीर मामलों में जांच,अभियोजन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।सरकार ने कहा कि यह कानून लाखों छात्रों के हितों की रक्षा करेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करेगा।सरकार के अनुसार,परीक्षा माफिया पर सख्त कानूनी शिकंजा कसना समय की आवश्यकता है।

वहीं विपक्ष ने विधेयक का समर्थन करते हुए भी कहा कि केवल कड़े कानून बनाने से समस्या खत्म नहीं होगी। परीक्षा प्रणाली में सुधार,एजेंसियों की जवाबदेही और प्रशासनिक पारदर्शिता भी उतनी ही जरुरी है।बहस के दौरान सदन में कई अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी तीखी नोकझोंक देखने को मिली।लोकसभा से पारित होने के बाद विधेयक को राज्यसभा में पेश किया जाएगा।वहां से मंजूरी और राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह संशोधित कानून पूरे देश में लागू हो सकेगा।


















