विश्व उपभोक्ता दिवस : उपभोक्ता अधिकारों के जागरूकता का दिन
तहलका 24×7 विशेष
डॉ. अन्नू
आज के आधुनिक युग में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी रुप में उपभोक्ता है।जब हम बाजार से कोई वस्तु खरीदते हैं या किसी सेवा का उपयोग करते हैं,तब हम उपभोक्ता कहलाते हैं।चाहे वह भोजन हो,कपड़े हों, मोबाइल फोन हो,बिजली की सेवा हो या इंटरनेट सेवा, इन सभी का उपयोग करने वाला व्यक्ति उपभोक्ता है। उपभोक्ता समाज की आर्थिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार है।बाजार में उत्पादों और सेवाओं की मांग उपभोक्ताओं के कारण ही उत्पन्न होती है।

यदि उपभोक्ता नहीं होंगे, तो व्यापार और उद्योग का अस्तित्व भी नहीं रहेगा।इसलिए उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक है।इसी उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 15 मार्च को विश्वभर में विश्व उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है।इस दिन का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरुक करना और उन्हें शोषण से बचाना है।आज के समय में बाजार में प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ गई है।कई बार कंपनियां अधिक लाभ कमाने के लिए घटिया सामान बेच देती हैं,गलत जानकारी देती हैं या ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करती हैं।

ऐसे में उपभोक्ताओं के अधिकारों और सुरक्षा के लिए जागरूकता बहुत आवश्यक है।विश्व उपभोक्ता दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हर उपभोक्ता को सुरक्षित, सही और गुणवत्तापूर्ण वस्तु और सेवा प्राप्त करने का अधिकार है।विश्व उपभोक्ता दिवस का इतिहास उपभोक्ता अधिकारों के आंदोलन से जुड़ा हुआ है।15 मार्च 1962 को अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी ने अमेरिकी संसद में एक ऐतिहासिक भाषण दिया।इस भाषण में उन्होंने पहली बार उपभोक्ताओं के चार मूल अधिकारों को स्वीकार किया।

ये चार अधिकार थे,सुरक्षा का अधिकार, जानकारी का अधिकार,चयन का अधिकार,सुने जाने का अधिकार
भाषण उपभोक्ता अधिकारों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।इसके बाद पूरी दुनिया में उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ने लगी। बाद में कंज्यूमर इंटरनेशनल नामक अंतरराष्ट्रीय संस्था ने 1983 में पहली बार 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता दिवस के रूप में मनाना शुरू किया।तब से हर वर्ष यह दिवस दुनिया भर में उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और जागरूकता के लिए मनाया जाता है।

उपभोक्ता वह व्यक्ति होता है जो किसी वस्तु या सेवा को अपने उपयोग के लिए खरीदता है।उदाहरण के लिए, जब हम दुकान से कपड़े खरीदते हैं,जब हम मोबाइल फोन खरीदते हैं,जब हम बिजली या इंटरनेट सेवा लेते हैं,जब हम होटल या परिवहन सेवा का उपयोग करते हैं। इन सभी स्थितियों में हम उपभोक्ता होते हैं।उपभोक्ता केवल वस्तु खरीदने वाला व्यक्ति ही नहीं होता,बल्कि सेवाओं का उपयोग करने वाला व्यक्ति भी उपभोक्ता होता है।उपभोक्ता अधिकारों का महत्व बहुत अधिक है। इसके कई कारण हैं।

1. शोषण से सुरक्षा- बाजार में कई बार व्यापारी अधिक लाभ कमाने के लिए उपभोक्ताओं के साथ धोखा कर सकते हैं। उपभोक्ता अधिकार उन्हें ऐसे शोषण से बचाते हैं।
2. गुणवत्ता सुनिश्चित करना- उपभोक्ता अधिकारों के कारण कंपनियों को अच्छी गुणवत्ता की वस्तुएँ बनानी पड़ती हैं।
3- सही जानकारी प्राप्त करना उपभोक्ताओं को यह जानने का अधिकार है कि वे जो वस्तु खरीद रहे हैं उसकी गुणवत्ता, कीमत और उपयोग क्या है।
4. न्याय प्राप्त करना- यदि किसी उपभोक्ता के साथ धोखा होता है, तो उसे न्याय प्राप्त करने का अधिकार होता है।
# उपभोक्ता के मुख्य अधिकार, आज के समय में उपभोक्ताओं को कई महत्वपूर्ण अधिकार प्राप्त हैं।
1. सुरक्षा का अधिकार- उपभोक्ता को ऐसी वस्तु और सेवा प्राप्त करने का अधिकार है जो उसके स्वास्थ्य और जीवन के लिए सुरक्षित हो। उदाहरण के लिए, खराब दवा, खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मिलावटी खाद्य पदार्थ ये सभी उपभोक्ता की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं।
2. जानकारी का अधिकार- उपभोक्ता को किसी वस्तु या सेवा के बारे में पूरी और सही जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है। जैसे- वस्तु की कीमत, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, सामग्री, उपयोग की विधि। यह जानकारी उपभोक्ता को सही निर्णय लेने में मदद करती है।
3. चयन का अधिकार- उपभोक्ता को अपनी पसंद के अनुसार वस्तु या सेवा चुनने का अधिकार है। कोई भी कंपनी उपभोक्ता को किसी विशेष उत्पाद को खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकती।
4. सुने जाने का अधिकार- यदि उपभोक्ता को किसी वस्तु या सेवा से शिकायत है, तो उसकी बात सुनी जानी चाहिए। उपभोक्ता को अपनी शिकायत दर्ज करने और उसका समाधान पाने का अधिकार है।
5. क्षतिपूर्ति का अधिकार- यदि किसी उपभोक्ता को किसी उत्पाद या सेवा के कारण नुकसान होता है, तो उसे क्षतिपूर्ति पाने का अधिकार है।
6. उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार- उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है।

भारत में उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने कई कानून बनाए हैं।इनमें सबसे महत्वपूर्ण कानून है। Consumer Protection Act 2019 यह कानून उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी और अनुचित व्यापारिक गतिविधियों से बचाने के लिए बनाया गया है।इस कानून के तहत उपभोक्ताओं के लिए शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था की गई है।उपभोक्ता शिकायतों के समाधान के लिए विशेष अदालतें बनाई गई हैं, जिन्हें उपभोक्ता आयोग कहा जाता है।भारत में तीन स्तर की उपभोक्ता अदालतें होती हैं, जिला उपभोक्ता आयोग, राज्य उपभोक्ता आयोग, राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग। इन अदालतों में उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं और न्याय प्राप्त कर सकते हैं।केवल अधिकार ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की कुछ जिम्मेदारियाँ भी होती हैं।

1. जागरूक रहना- उपभोक्ता को वस्तु खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
2. बिल लेना- हमेशा वस्तु खरीदते समय बिल या रसीद अवश्य लेनी चाहिए।
3. गुणवत्ता चिह्न देखना- भारत में कई गुणवत्ता चिह्न होते हैं जैसे- ISI Mark, AGMARK FSSAI इन चिह्नों से उत्पाद की गुणवत्ता का पता चलता है।
# आज के डिजिटल युग में उपभोक्ताओं को कई नई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें।
1. ऑनलाइन धोखाधड़ी- ऑनलाइन शॉपिंग में कई बार नकली उत्पाद मिल जाते हैं।
2. भ्रामक विज्ञापन- कई कंपनियाँ अपने उत्पादों के बारे में गलत या बढ़ा-चढ़ाकर विज्ञापन करती हैं।
3. नकली सामान- बाजार में कई बार असली ब्रांड के नाम पर नकली सामान बेचा जाता है।
4. मिलावट- खाद्य पदार्थों में मिलावट भी एक बड़ी समस्या है।

विश्व उपभोक्ता दिवस का महत्व कई कारणों से प्रमुख है। उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना। उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी देना, व्यापार में ईमानदारी और पारदर्शिता को बढ़ावा देना, उपभोक्ता शोषण को रोकना। इस दिन विभिन्न कार्यक्रमों, सेमिनारों और जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जाता है।आज के समय में ई-कॉमर्स तेजी से बढ़ रहा है। लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खरीदारी कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल उपभोक्ता अधिकार भी महत्वपूर्ण हो गए हैं।

सरकार ने ऑनलाइन व्यापार के लिए भी नियम बनाए हैं ताकि उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी न हो। विश्व उपभोक्ता दिवस की थीम हर वर्ष विश्व उपभोक्ता दिवस एक विशेष थीम के साथ मनाया जाता है। इसका उद्देश्य किसी विशेष उपभोक्ता समस्या पर ध्यान केंद्रित करना होता है। जैसे- सतत उपभोग, डिजिटल सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, सुरक्षित भोजन, इन विषयों के माध्यम से उपभोक्ता अधिकारों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाती है। उपभोक्ता जागरुकता बढ़ाने के लिए कई उपाय किए जा सकते हैं।

शिक्षा के माध्यम से जागरूकता, मीडिया और सोशल मीडिया का उपयोग, सरकारी अभियान, उपभोक्ता संगठनों की भूमिका जब उपभोक्ता जागरूक होंगे तभी वे अपने अधिकारों की रक्षा कर सकेंगे। दुनियाभर में कई उपभोक्ता संगठन उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए काम कर रहे हैं। ये संगठन उपभोक्ताओं को जागरूक करते हैं, शिकायतों में सहायता करते हैं, सरकार को सुझाव देते हैं, उपभोक्ता नीतियों को मजबूत बनाने में मदद करते है।

निष्कर्ष: विश्व उपभोक्ता दिवस उपभोक्ताओं के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के महत्व को याद दिलाने वाला एक महत्वपूर्ण दिवस है। आज के प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में उपभोक्ताओं को जागरूक और सतर्क रहना बहुत आवश्यक है। यदि उपभोक्ता अपने अधिकारों के बारे में जानते हैं, तो वे किसी भी प्रकार के शोषण से बच सकते हैं।

सरकार, कंपनियों व समाज सभी की जिम्मेदारी है कि वे उपभोक्ताओं के अधिकारों का सम्मान करें। अंततः एक जागरूक उपभोक्ता ही एक मजबूत और स्वस्थ बाजार व्यवस्था का निर्माण कर सकता है। इसलिए हमें न केवल अपने अधिकारों के बारे में जानना चाहिए, बल्कि दूसरों को भी इसके बारे में जागरूक करना चाहिए। इसी संदेश के साथ विश्व उपभोक्ता दिवस हमें यह प्रेरणा देता है कि हम एक जिम्मेदार और जागरूक उपभोक्ता बनें।
डॉ. अन्नू
(वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल, विश्वविद्यालय, जौनपुर)
















