आजमगढ़ : जर्जर तार व पोल दे रहे हादसों को दावत, जिम्मेदार साधे मौन

आजमगढ़ : जर्जर तार व पोल दे रहे हादसों को दावत, जिम्मेदार साधे मौन

आजमगढ़।
फैज़ान अहमद
तहलका 24×7
                  जिले में करोड़ों खर्च के बाद भी जर्जर तारों व विद्युत पोल के भरोसे आपूर्ति हो रही है। जिसके कारण हमेशा हादसे होते रहते हैं तो वहीं विद्युत आपूर्ति भी बाधित होती है। अक्सर ही कहीं न कहीं तार टूट कर गिर जाते है तो वहीं इन जर्जर तारों के चलते होने वाली शार्ट सर्किट से ट्रांसफार्मर भी जल जा रहे है। सरकार ने जर्जर पोलों की जगह नए पोल लगाने व जर्जर तारों के स्थान पर अलग-अलग क्षमता की एबी केबल लगाने की योजना शुरू किया है। लेकिन अभी भी जर्जर तार व पोल से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति हो रही है।
जनपद में विद्युत सप्लाई के लिए जो पोल व तार लगाए हैं वह काफी पुराने है। जर्जर तारों के कारण कई जगहों पर जानमाल का नुकसान भी हो चुका है। गर्मी के सीजन में तो यही जर्जर तार किसानों की सैंकड़ों बीघा गेहूं की फसल को जलाकर राख कर देते हैं। जर्जर तारों व खंभों से बिजली आपूर्ति में आ रही समस्या व हो रही जान माल की क्षति को देखते हुए सरकार ने सौभाग्य योजना, पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना व रीहैबिलिटेशन प्रोजेक्ट के तहत कई करोड़ रूपए खर्च किए, जिससे कई जगहों पर पोल व तार बदले गए। लेकिन कई जगहों पर जर्जर तार व पोल आज भी समस्या का जड़ बने हुए हैं। शहर के मुख्य चौक, कुर्मीटोला, डीएम कार्यालय के पीछे, सिधारी, शाहगढ़, बूढ़नपुर, सगड़ी व पवई आदि क्षेत्रों में जर्जर विद्युत तार व पोल के सहारे बिजली की सप्लाई की जा रही है।
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