आजमगढ़ : वृहद पैमाने पर पौधारोपण और पोखरे की खुदाई बनी कागज की खुराक..
# पूर्व प्रधान पर आरोप.. बगैर काम किए करा लिया भुगतान, अब नोटिस जारी
रानी की सराय।
फैज़ान अहमद
तहलका 24×7
क्षेत्र के शाहखजुरा गांव में पूर्व प्रधान द्वारा गांव में कराए गए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता की गई है। इसे लेकर खंड विकास अधिकारी रानी की सराय ने पूर्व प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर उचित जवाब मांगा है। साथ ही जवाब न मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की चेतावनी दी है।शाहखजुरा गांव निवासी योगेंद्र राजभर ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि गांव में प्रधान की ओर से एक ही व्यक्ति को दो-दो बार शौचालय के लिए धनराशि उपलब्ध कराई है।

वहीं शिवालय मंदिर के पास पोखरे का कार्य, ब्राह्मण पूरवा पोखरे की खुदाई, बेलनाडीह बस्ती में पोखरी खुदाई, सुबाष के घर के सामने पोखरी की खुदाई व पौधारोपण में वित्तीय अनियमितता की गई है। जांच की गई तो शिवाला मंदिर के पास पौधारोपण कार्य कराए जाने के लिए 1.13 लाख का प्राक्कलन गठित किया गया है। जिस पर मनरेगा योजना से अकुशल मजदूरी पर पांच हजार रुपये की धनराशि व्यय की गई है। सामग्री का भुगतान किस योजना से किया गया है, इसकी जानकारी नहीं हो सकी।मनरेगा गाइड लाइन के अनुसार कार्य से पूर्व, कार्य कराते समय एवं कार्य पूर्ण के बाद फोटोग्राफी कराई जानी चाहिए थी लेकिन वह नहीं कराई गई।

मौके पर कोई पौधा नहीं मिला। न ही पौधे के लिए बना कोई गड्ढा पाया गया। इससे स्पष्ट है कि बिना कार्य कराए गए भुगतान किया गया है। जिसके प्रति दोषी पाए गए। वहीं शिवाला मंदिर के पास पोखरी खुदाई में भी बिना कार्य कराए ही 86234 रुपये खर्च किया गया है। ब्राम्हण बस्ती के पास पोखरे की खुदाई का कार्य मनरेगा योजना के अंर्तगत कराया गया। जिसका प्राक्कलन 546380 रुपये का वित्तीय वर्ष 2017-18 में तैयार किया गया था। इसमें भी वित्तीय अनियमितता पाई गई है। इसमें भी 166722 रुपये का खर्च बिना कार्य कराए ही करा लिया गया है। ऐसे कई कार्य कराए गए जिसमें पूर्व प्रधान द्वारा वित्तीय अनियमितता की गई है। जिसे लेकर पूर्व प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
















