जौनपुर की सब्जियां पहुंचेंगी सिंगापुर-दुबई, पहली अंतरराष्ट्रीय खेप रवाना

जौनपुर की सब्जियां पहुंचेंगी सिंगापुर-दुबई,पहली अंतरराष्ट्रीय खेप रवाना

जौनपुर। 
गुलाम साबिर 
तहलका 24×7 
             पूर्वांचल के कृषि क्षेत्र के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक रहा।कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से जौनपुर से पहली बार मिश्रित सब्जियों की अंतरराष्ट्रीय निर्यात खेप सिंगापुर और दुबई के लिए रवाना की गई। इसे किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कार्यरत एपीडा तथा उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में 1050 किलोग्राम ताजी मिश्रित सब्जियां सिंगापुर और 1400 किलोग्राम मिश्रित सब्जियां दुबई भेजी गईं।निर्यातित सब्जियों में कुंदरू,शिमला मिर्च, भिंडी,मशरूम और हरी मिर्च शामिल हैं।फ्लैग-ऑफ कार्यक्रम में एपीडा के वरिष्ठ अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की।कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी केराकत सुनील कुमार,उप निदेशक उद्यान दिग्विजय, जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सीमा सिंह राणा,निर्यातक प्रतिनिधि अनिल गर्ग तथा किसान उत्पादक संगठनों के सदस्य मौजूद रहे।
एपीडा की महाप्रबंधक (फल एवं सब्जी) विनीता सुधांशु ने कहा कि जौनपुर से सिंगापुर जैसे गुणवत्ता-संवेदनशील बाजार में सब्जियों का निर्यात किसानों, निर्यातकों,एपीडा और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।इससे पूर्वांचल की कृषि क्षमता को वैश्विक पहचान मिलेगी।वहीं एपीडा के क्षेत्रीय प्रमुख डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कृषि उत्पादों का निर्यात लगभग नगण्य था,जबकि वर्ष 2025-26 में यहां से 1010 मीट्रिक टन से अधिक कृषि उत्पादों का निर्यात किया जा चुका है।
यह क्षेत्र में कृषि निर्यात के तेजी से बढ़ते दायरे को दर्शाता है।उपजिलाधिकारी सुनील कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किसानों और निर्यातकों को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।वहीं उप निदेशक उद्यान दिग्विजय ने बताया कि उद्यान विभाग एपीडा और निर्यातकों के साथ मिलकर किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को निर्यात से जोड़ने तथा किसानों को गुणवत्ता आधारित उत्पादन का प्रशिक्षण देने का कार्य कर रहा है।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ.सीमा सिंह राणा ने एपीडा से जनपद में विशेष कार्यशाला आयोजित करने का अनुरोध किया।उन्होंने कहा कि किसानों को निर्यात मानकों के अनुरूप तुड़ाई,कीटनाशकों और रसायनों के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी मिलने से उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा तथा बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी।निर्यातक प्रतिनिधि अनिल गर्ग ने कहा कि भविष्य में जौनपुर और आसपास के क्षेत्रों से कृषि उत्पादों के निर्यात का दायरा और बढ़ाया जाएगा तथा नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत से सिंगापुर को कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का निर्यात लगभग 2300 करोड़ रुपये का रहा।ऐसे में जौनपुर से शुरू हुई यह पहल पूर्वांचल के किसानों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलने वाली साबित हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस सफल शुरुआत से किसानों की आय बढ़ेगी और उत्तर प्रदेश को कृषि निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।
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