कोटेदारों के उत्पीड़न पर सख्त हुए मुख्यमंत्री योगी, भ्रष्टाचार साबित होने पर तत्काल निलंबन के निर्देश
लखनऊ।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा बैठक में कोटेदारों के उत्पीड़न और भ्रष्टाचार के मामलों पर कड़ा रुख अपनाया।उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राशन डीलरों को अनावश्यक रुप से परेशान करने या शोषण करने की शिकायतें किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटेदार सार्वजनिक वितरण प्रणाली की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

उनके माध्यम से ही पात्र लाभार्थियों तक गेहूं,चावल, चीनी और अन्य आवश्यक खाद्यान्न रियायती दरों पर पहुंचते हैं।इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और उन्हें सम्मानजनक वातावरण में कार्य करने दिया जाए।समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ निर्वहन करें।यदि किसी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाते हैं,तो उसे तत्काल निलंबित किया जाए।

साथ ही ऐसे मामलों में सतर्कता जांच कराकर आवश्यक विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गरीबों को समय पर और बिना किसी बाधा के उनका राशन उपलब्ध कराना है।राशन वितरण व्यवस्था में लापरवाही, भ्रष्टाचार या किसी भी प्रकार का उत्पीड़न किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।मुख्यमंत्री के इन निर्देशों को प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी,जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

















