चार साल से सुप्रीम कोर्ट में नहीं हुई महिला जज की नियुक्ति, एससीबीए ने जताई चिंता
नई दिल्ली।
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सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने उच्चतम न्यायालय और देशभर के उच्च न्यायालयों में महिला न्यायाधीशों के कम प्रतिनिधित्व पर चिंता जताई है। बार निकाय द्वारा पारित प्रस्ताव में कहा गया है, “एससीबीए सुप्रीम कोर्ट और देशभर के उच्च न्यायालयों में महिला न्यायाधीशों के अनुपातहीन रुप से कम प्रतिनिधित्व पर गंभीर चिंता व्यक्त करता है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि बार एसोसिएशन भारत के मुख्य न्यायाधीश और कॉलेजियम से अनुरोध करता है कि वे सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों में न्यायिक नियुक्तियों के आगामी दौर में अधिक महिला न्यायाधीशों की पदोन्नति पर तत्काल और उचित विचार करें। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ एक महिला न्यायाधीश जस्टिस बीवी नागरत्ना कार्यरत हैं। जस्टिस नागरत्ना ने हाल ही में पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विपुल एम. पंचोली को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने के कॉलेजियम के निर्णय पर असहमति जताई है।

जस्टिस पंचोली 3 अक्टूबर, 2031 से 27 मई 2033 तक भारत के मुख्य न्यायाधीश बनेंगे।बार एसोसिएशन ने कहा कि यह रिकॉर्ड में दर्ज है कि उत्तराखंड, त्रिपुरा, मेघालय और मणिपुर समेत कई उच्च न्यायालयों में वर्तमान में कोई महिला न्यायाधीश नहीं है। देशभर में उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के लगभग 1,100 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से लगभग 670 पर पुरुष और केवल 103 पर महिलाएं कार्यरत हैं, जबकि शेष पद रिक्त हैं।

बार निकाय ने कहा कि एससीबीए अध्यक्ष विकास सिंह ने 24 मई और 18 जुलाई को भारत के मुख्य न्यायाधीश को संबोधित अपने पत्रों में आग्रह किया था कि उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों सहित उच्च न्यायपालिका में पदों पर महिलाओं को आनुपातिक आधार पर भरा जाए। एससीबीए ने कहा कि उसका दृढ़ विश्वास है कि न्यायपीठ में अधिक लैंगिक संतुलन न केवल निष्पक्ष और समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए जरुरी है, बल्कि न्यायपालिका में जनता के विश्वास को मजबूत करने, न्यायिक दृष्टिकोण को समृद्ध करने और न्याय की सर्वोच्च संस्था में हमारे समाज की विविधता को प्रतिबिंबित करने के लिए भी जरूरी है।

एससीबीए ने इस बात पर भी गहरी निराशा जताई कि सुप्रीम कोर्ट में हाल ही में हुई नियुक्तियों में बार या बेंच से किसी भी महिला न्यायाधीश को पदोन्नत नहीं किया गया, जबकि 2021 से सुप्रीम कोर्ट में किसी भी महिला न्यायाधीश की नियुक्ति नहीं हुई है। 2021 में तीन महिला न्यायाधीशों, जस्टिस हिमा कोहली, जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस नागरत्ना को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया गया था। जस्टिस कोहली और जस्टिस त्रिवेदी सेवानिवृत्त हो चुकी हैं।








