जौनपुर : चुनावी बयार में भदेठी गांव का माहौल बिगाड़ने की कहीं साजिश तो नहीं…

जौनपुर : चुनावी बयार में भदेठी गांव का माहौल बिगाड़ने की कहीं साजिश तो नहीं…

मल्हनी।
दीपक श्रीवास्तव
तहलका 24×7
                 सांप्रदायिक नजरिए से जिले के संवेदनशील गांवों में शुमार सरायख्वाजा थाना इलाके के भदेठी का माहौल खराब करने की कोई गहरी साजिश तो नहीं रची गई है। दस दिन के भीतर एक ही ढंग से हत्या की दो वारदातें तो कुछ ऐसा ही संकेत कर रही हैं।
बताते चलें कि पिछले महीने की 21 तारीख की रात में पाही पर मासूम पौत्र के साथ सोई दीला राजभर की गला रेतकर हत्या की गई थी।मंगलवार की रात बिल्कुल उसी तरह से गांव के वृद्ध किसान मुश्ताक अहमद को पड़ोसी जिले आजमगढ़ की सीमा में स्थित सोनहरा गांव में पाही पर ही मौत के घाट उतार दिया गया। मृत मुश्ताक अहमद के चार पुत्र और दो पुत्रियां हैं। सभी की शादी हो चुकी है। इन सनसनीखेज हत्या की वारदातों से गांव-जवार में गम और गुस्से का वातावरण बन गया है। वहीं इन वारदातों ने गांव के अमन पसंद लोगों को दहला कर रख दिया है।
स्वजनों का कहना है कि मुश्ताक अहमद की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। मिलनसार स्वभाव के मृत मुश्ताक अहमद नमाज के पाबंद थे। उनकी हत्या किसने और क्यों की यही लोग समझ नहीं पा रहे हैं। तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। दीला राजभर की हत्या के मामले में गिरफ्तार एक आरोपित वर्ग विशेष का है। यह भी कयास लगाया जा रहा है कि हो सकता है कि खेत में किसी से मुश्ताक का किसी तरह का विवाद हुआ हो और यही हत्या का कारण बन गया हो। दूसरी तरफ अधिकतर ग्रामीण इसी बात को लेकर चिंतित हैं कि इन वारदातों के पीछे गांव का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश तो नहीं रची गई है।

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