जौनपुर : ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने किया होटल सत्यम सील

जौनपुर : ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने किया होटल सत्यम सील

# होटल के सील होने की खबर से शहर में मचा हड़कम्प

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
                 नगर कोतवाली क्षेत्र के सिपाह पड़ाव के समीप होटल सत्यम को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल ने शुक्रवार की शाम सील करवा दिया। आरोप है कि होटल बन गया मगर अब तक नक्शा पास नहीं हुआ है और न ही नक्शा के लिए आवेदन ही किया गया था।

# होटल के सील होने की खबर से शहर में मचा हड़कम्प

वैसे होटल पर कार्रवाई के दौरान प्रशासन को विरोध का सामना करना पड़ा। होटल मालिक के परिवार की एक महिला मेन गेट पर खड़ी हो गयी थी। जिन्हें हटाने में इंस्पेक्टर को खासी मशक्कत करनी पड़ी। जब ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कड़ा रुख अख्तियार किया तो जाकर सारी कार्रवाई पूरी हो सकी।जानकारी के अनुसार अखिलेश कुमार राय ने एक जमीन सिपाह पड़ाव के पास खरीदकर उस पर होटल बनवाने का काम शुरु  किया।

अखिलेश के भाई अवनीश राय के मुताबिक वर्ष 2020 में होटल का नक्शा पास करने के लिए आवेदन किया, लेकिन आज तक नक्शा पास नहीं हुआ। 30 दिसम्बर 21 को होटल का विधिवत उद्घाटन हुआ और उसके बाद शादी समारोहों का आयोजन शुरु हो गया। इस बीच आचार संहिता लागू हो गयी और प्रशासन के लोग चुनाव में व्यस्त हो गए। चुनाव से खाली होते ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शुक्रवार को अपनी पूरी टीम के साथ सत्यम होटल पर पहुंच गए और होटल का नक्शा, फायर विभाग की एनओसी समेत अन्य दस्तावेज मांगने लगे। होटल से जुड़े लोगों ने कहा कि सारी दस्तावेज प्रोसेस में हैं। इस दौरान काफी विरोध का भी प्रशासन को सामना करना पड़ा।

इस बारे में जब होटल मालिक के छोटे भाई अवनीश राय से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि नक्शा पास कराने के लिए मास्टर प्लान के जेई रोहन यादव ने नगद एक लाख 30 हजार रुपया लिया था। आज तक नक्शा पास नहीं कराया। सीलिंग की कार्रवाई गलत तरीके से की गयी है। पहले नोटिस देनी चाहिए थी। गैर संवैधानिक तरीके से कार्रवाई की गयी। इस बारे में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु ने कहा कि बिना नक्शा पास हुए ही होटल बना है। नोटिस दी गयी। इसके बाद भी उनकी ओर से पहल नहीं की गयी। फायर का भी कोई एनओसी नहीं था इसलिए होटल सील कर दिया गया।

# आखिर क्या कर रहा था प्रशासन

शहर में ऐसे ही न जाने कितने भवन बिना नक्शा के बन रहे हैं। होटल सत्यम पर जो कार्रवाई शुक्रवार को की गयी। यह कार्रवाई प्रशासन ने पहले क्यों नहीं की जो समझ से परे है। लबे सड़क होटल बनता रहा और किसी अधिकारी ने चेक करने की जहमत नहीं उठायी। यह जानने की कोशिश भी नहीं की होटल का नक्शा पास है या नहीं। अभी पिछले दिनों ही पुलिस अधीक्षक आवास के निकट एक बड़े निर्माणाधीन भवन को भी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने नक्शे के अभाव में सील किया था। होटल सील होने से अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि शहर के मुख्य मार्ग पर होटल का निर्माण होता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी। आखिर मास्टर प्लान वाले अधिकारी कर क्या रहे हैं। शनिवार को जेई रोहन यादव से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

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