जौहर यूनिवर्सिटी पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर पुनर्विचार करे सरकार : आरिफ हबीब
जौनपुर।
एखलाक खान
तहलका 24×7
समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव आरिफ हबीब ने जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त किए जाने के आदेश पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से इस कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरिफ हबीब ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान से जुड़े मामलों में प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन आवश्यक है,लेकिन ऐसी कार्रवाई का सीधा प्रभाव हजारों छात्रों, कर्मचारियों और शिक्षा व्यवस्था पर पड़ता है।इसलिए सरकार को संवेदनशीलता और दूरदर्शिता के साथ निर्णय लेना चाहिए।उन्होंने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय केवल भवनों का समूह नहीं,बल्कि प्रदेश और देश के गरीब,पिछड़े,अल्पसंख्यक,वंचित और ग्रामीण पृष्ठभूमि के हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा संस्थान है।

यदि भवनों के संबंध में कोई तकनीकी, प्रशासनिक या मानचित्र संबंधी विवाद है तो उसका समाधान कानून और संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए,न कि ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई से।आरिफ हबीब ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में निवेश और शैक्षणिक संस्थानों का संरक्षण किसी भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने मांग की कि सरकार सभी पक्षों को सुनते हुए न्यायसंगत,पारदर्शी और संतुलित निर्णय सुनिश्चित करे तथा तब तक प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने पर विचार करे,ताकि छात्रों और कर्मचारियों के हित सुरक्षित रह सकें।उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी शिक्षा,सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की पक्षधर रही है तथा शिक्षा संस्थानों से जुड़े हर निर्णय में छात्रों और समाज के व्यापक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

















