रक्षाबंधन विशेष ! वैज्ञानिकता से परिपूर्ण है रक्षासूत्र..

रक्षाबंधन विशेष ! वैज्ञानिकता से परिपूर्ण है रक्षासूत्र..

स्पेशल डेस्क।
राजकुमार अश्क
तहलका 24×7
               सर्वप्रथम तहलका 24×7 के सभी सुधी पाठकों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं एवं ढेरों बधाई.. भाई बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन अपने अंदर सामाजिक और आध्यात्मिक विशेषताएँ तो समाहित किए हुए हैं यह तो सभी लोगों को पता है मगर इसका वैज्ञानिक आधार भी है इसकी जानकारी विरले के पास है। इस लेख के माध्यम से आज रक्षासूत्र के वैज्ञानिक पहलू पर प्रकाश डालने का प्रयास किया गया है।
श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पर्व पूरे विश्व में, जहाँ जहाँ भारतीय हैं उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है इस दिन बहनें अपने भाईयों का बहुत ही बेसब्री से प्रतिक्षा करती है।धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु ने वामन अवतार लेकर राजा बाली के अहंकार को नष्ट किया था। इंद्राणी ने भी देवताओं को रक्षासूत्र बांधकर उन्हें विजयी होने का वरदान दिया था आदि ऐसी अनेकों प्रचलित कथाएँ हैं.

# रक्षासूत्र का वैज्ञानिक आधार

रक्षासूत्र को बनाने जिन सामग्री का प्रयोग किया जाता है वह सबके सब प्रकृति द्वारा प्रदत्त की गई अनमोल वस्तुएँ होती है जैसे रेशम का धागा, केसर, सरसों, दूर्वा (दूब घास) चंदन, अक्षत आदि इनमें सबसे महत्वपूर्ण वह रेशम का धागा होता है जिससे पूरा रक्षासूत्र बनता है, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से रेशम मे कीटाणुओं को नष्ट करने का गुण पाया जाता है, तो वहीं केसर को ओज, बल, दर्द नाशक आदि जैसे शारीरिक दुर्बलता को दूर स्फूर्ति लाने का कार्य करता है। सरसों का बीज खुजली सहित त्वचा से सम्बन्धित अनेकों बीमारियों में लाभकारी होता है. दूर्वा घास को कान्तिवर्धक, यौन रोग नाशक, पीलिया आदि जैसे अनेकों बीमारियों में लाभकारी होता है। चंदन के अंदर शीतलता प्रदान करने का गुण पाया हैं जो मष्तिष्क में पाए जाने वाले कई प्रकार के रसायनों को संतुलित करके उसे ठंडक पहुॅंचाता है।इस आधार पर कहा जा सकता है कि जो राखी बहने अपने भाई की कलाई पर बांधती है वह उससे भाई के जीवन में सुख समृद्धि, सम्पन्नता, सद्गुणों का विकास होता है.

♨️ थाली में रखी जाने वाली विशेष सामग्री

# राखी

बहनें थाली में सबसे पहले भाई को बांधी जाने वाली लाल रंग की राखी या कलावा रखें, क्योंकि लाल रंग हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार बहुत ही शुभ माना जाता है और वैज्ञानिक दृष्टि से हाथ की दाहिनी कलाई पर जब इसे बांधा जाता है तो एक विशेष नस पर इसका दबाव पड़ता है जिससे शरीर से नकारात्मक ऊर्जा से बचाव होता है

# मिष्ठान

घर में बना हुआ कोई भी मीठा सामान या बाजार से लाया गया मिष्ठान खिलाने से भाई बहन के रिश्ते में हमेशा मिठास बनी रहे ऐसी मान्यता है।

# घी का दीपक

बहनें पूजा की थाली में घी का दीपक रखना न भूले। बहनें राखी बांधने के बाद उस दीपक से भाई की आरती जरूर करें हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार आरती करने से भविष्य में आने वाली सभी कठिनाइयों से छुटकारा मिल जाता है।

# रूमाल या वस्त्र

बहनें जब अपने भाई को राखी बांधे तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि भाई बहन दोनों का सिर किसी वस्त्र या रूमाल से ढका जरूर रहे।

# तिलक और अक्षत

बहनें थाली में तिलक लगाने के लिए कुमकुम और अक्षत जरूर रखें, और कुमकुम का टीका लगाने के पश्चात् अक्षत जरूर लगाएं इसका धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों कारण है, तिलक माथे पर जिस जगह लगाया जाता है वह स्थान छठी इंद्री का केंद्र माना जाता है, जब उस स्थान पर अनामिका अंगुली का दबाव पड़ता है तो वह जागृत अवस्था में आ जाती है, चावल लगाने से नकारात्मक ऊर्जा सकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित होकर शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है। इसका वैज्ञानिक आधार यह हुआ कि मस्तक के बीच में दोनों भौहों के बीच जहाँ पर तिलक लगाया जाता हैं वह स्थान अग्नि चक्र कहताला है जब उस पर दबाव पड़ता है तो स्मरण शक्ति तेज हो जाती, बल बुद्धि, तथा निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होती है। इसी कारण सनातन धर्म से जुड़े जितने भी त्योहार है उसके पीछे धार्मिक मान्यताएँ तो होती है है मगर विज्ञान भी उसके साथ जुडा़ हुआ है।