सुल्तानपुर : धान की सीधी बुआई एंव तकनीकी खेती की किसानों को दी गई जानकारी
अखण्डनगर।
ज़ेया अनवर
तहलका 24×7
विकास खण्ड क्षेत्र अंतर्गत जयज्ञान नगर उनुरखा ग्राम सभा में जय ज्ञान एग्री जंक्शन फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (FPO) जय ज्ञान नगर उनुरखा, अखंड नगर एंव कोर्टेवा एग्री साइंस के संयुक्त तत्वाधान में वृहद किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया जहां किसानों को तकनीकी खेती की जानकारी दी गई।कोर्टेवा एग्री साइंस के प्रोजेक्ट आफिसर अतुल सिंह ने मौजूद किसानों को धान की सीधी बुवाई के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि कोर्टेवा एग्री साइंस द्वारा धान की सीधी बुवाई करने से किसान को बहुत लाभ मिलता है।

पहला तो यह है कि लागत कम लगती है जो सबसे बड़ी बात है और श्रम कम लगता है और उत्पादन भी अधिक होता है सीधी बुवाई करने से एक एकड़ क्षेत्रफल से एक लाख लीटर से भी अधिक पानी की बचत होती है जिससे पानी की बचत होती है और किसान को लाभ भी होता है उन्होंने कहा कि कोर्टेवा एग्री साइंस का सपोर्ट किसान को धान की सीधी बुवाई से धान की कटाई तक मिलता रहता है।इस मौके पर जय ज्ञान एग्री जंक्शन फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (FPO) जय ज्ञान नगर उनुरखा के डायरेक्टर ज्ञानचन्द्र तिवारी ने किसानों को तकनीकी और जैविक खेती की जानकारी देते हुए कहा कि किसान भाई धान की सीधी बुवाई करें और तकनीकी खेती अपनाएं उन्होंने कहा कि किसान भाई जैविक खेती अपनाएं जिससे किसान का खुद का स्वस्थ अच्छा रहता है साथ ही साथ उनके परिवार का भी स्वस्थ्य अच्छा रहेगा।

उन्होंने कहा कि किसान भाई तकनीकी खेती जैसे पपीता, केला, मशरूम, बॉस, हल्दी तथा सब्जियों की खेती करें जिसमें कम लागत में ज्यादा मुनाफा किसान भाई कमा सकते हैं और अपनी आमदनी बढ़ा सकते है। उन्होंने कहा कि किसान भाई खेती को व्यापार बना कर खेती करें तभी ज्यादा लाभ कमाया जा सकता है।इस मौके पर जयज्ञान नगर उनुरखा ग्राम सभा के कोटेदार श्याम नारायण तिवारी ने जयज्ञान एग्री जंक्शन एफपीओ के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ग्राम सभा में हमेशा तकनीकी जानकारी के माध्यम से किसानों के अंदर ऊर्जा का संचार करना अपने आप में बहुत बड़ी बात है क्योंकि किसान ही देश की तस्वीर बदल सकता है।

इस मौके पर जयज्ञान एग्री जंक्शन वन स्टॉप शॉप के संचालक प्रेमचंद तिवारी, किसान वीरेन्द्र प्रसाद तिवारी, विजय नारायण तिवारी, लालशंकर तिवारी (छंगू तिवारी), हरिश्चंद्र तिवारी, गिरीश तिवारी, रामचेत मौर्या, लक्ष्मी नारायण तिवारी, जय भगवान तिवारी, राम शब्द शर्मा, पवन तिवारी, सुरेश तिवारी, गंगाशरण तिवारी, राम प्रसाद तिवारी, माता फेर यादव, सत्यम तिवारी, अभिनव तिवारी, अनूप तिवारी, शुभम मिश्रा, सत्य प्रकाश तिवारी, छठठू प्रजापति, मनीष यादव, रत्नेश शर्मा, रिंकू तिवारी, राम उजागिर राजभर, केशई, जंगली, मंगली, शिखर शर्मा, हर्षित शर्मा, राहुल शर्मा, देवनारायण श्रीवास्तव, सुशील तिवारी, चिनिगी लाल, फूलचंद राजभर, कल्लू तिवारी, रोहित शर्मा, बृजभान शर्मा समेत सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।
















