आईएएस अफसर रिंकू सिंह पद से हटाए गए
# एक दिन पहले वकीलों के सामने लगाई थी उठक-बैठक, क्यों चर्चा में हैं रिंकू सिंह राही?
लखनऊ।
तहलका 24×7
शाहजहांपुर जिले में हाल ही में नियुक्त ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और एसडीएम आईएएस रिंकू सिंह राही को वकीलों के सामने उठक-बैठक करना सरकार को रास नहीं आया।वीडियो वायरल होने के बाद 24 घंटे के अंदर योगी सरकार ने रिंकू सिंह को साइडलाइन कर दिया। उन्हें तत्काल प्रभाव से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद से हटाकर राजस्व परिषद भेज दिया गया।नियुक्ति विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।बता दें कि रिंकू सिंह राही हाल ही में मथुरा से शाहजहांपुर आए थे।

पहले दिन मंगलवार को तहसील परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एक वकील के मुंशी को शौचालय के बाहर पेशाब करते देखा। उन्होंने मुंशी को टोकते हुए शौचालय का उपयोग करने को कहा, मुंशी के मना करने पर राही ने उसे उठक-बैठक की सजा दी।इस घटना से नाराज वकीलों ने हंगामा शुरु कर दिया और धरने पर बैठ गए। वकीलों का गुस्सा शांत करने के लिए रिंकू सिंह धरनास्थल पर पहुंचे और माफी मांगते हुए खुद कान पकड़कर पांच बार उठक-बैठक की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

जिसके बाद लोग उनकी विनम्रता की तारीफ करने लगे, वहीं कुछ ने इसे प्रशासन की बेबसी करार दिया। नियुक्ति विभाग की ओर से उनको शाहजहांपुर से हटकर राजस्व परिषद लखनऊ भेजने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया।बताते चलें कि रिंकू सिंह राही का जन्म हाथरस में हुआ था। इंटर की शिक्षा अलीगढ़ से पूरी की और आगे की पढ़ाई जमशेदपुर से की। 2004 में पीसीएस क्लियर कर 2008 में जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात हुए।

जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर सबसे पहले इनकी पोस्टिंग मुजफ्फरनगर में हुई। मुज्जफरनगर में पोस्टिंग के दौरान उन्होंने स्कॉलरशिप और पेंशन में 100 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का खुलासा किया। इसके बाद 26 मार्च 2009 को रिंकू सिंह राही सहकर्मी के साथ बैडमिंटन खेल रहे थे, जहां उन पर दो हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। रिंकू राही को सात गोलियां लगीं, जिनमें से दो उनके चेहरे पर लगी और जबड़ा बाहर आ गया और चेहरा बिगड़ गया था, एक कान खराब हो गया और एक आंख की रोशनी चली गई थी।

करीब एक महीने सुभारती मेडिकल कॉलेज मेरठ में भर्ती रहे। कई ऑपरेशन के बाद वह ठीक होकर लौटे। रिंकू सिंह 2019 में हापुड़ के निजामपुर में स्थित राजकीय आईएएस पीसीएस कोचिंग सेंटर पर बतौर केंद्र प्रभारी इनकी तैनाती हुई। अपनी तैनाती के बाद करीब 300 से ज्यादा बच्चे को इन्होंने ईसीएस और यूपी पीसीएस के इंटरव्यू परीक्षा में उत्तीर्ण कराए।

रिंकू सिंह राही ने पीसीएस अधिकारी रहते हुए 2021 में यूपीएससी की परीक्षा पास किया। हापुड़ के समाज कल्याण अधिकारी और हापुड़ में राजकीय आईएएस पीसीएस कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर रिंकू सिंह राही ने संघ लोक सेवा आयोग में 683वीं रैंक हासिल की थी। रिंकू सिंह ने पीसीएस अधिकारी रहते 13वें प्रयास में यूपीएससी क्लियर कर आईएएस बने।

















