आजमगढ़ : विडम्बना ! कभी करते थे आचमन अब स्पर्श करने का भी नहीं होता मन
मेहनाजपुर।
फैज़ान अहमद
तहलका 24×7
बाजार स्थित श्रीराम-जानकी, शिव मंदिर का जलाशय उपेक्षा और लोगों की मनमानी का शिकार हो गया है। कभी इसके पानी से मंदिर आने वाले लोग आचमन करते थे, लेकिन जो स्थिति है उसमें उसके जल को स्पर्श करने तक का मन नहीं होता। कारण कि पानी के नाम पर घरों के नाबदान का गंदा पानी उसमें मिला दिया गया है। दुर्गंध इतनी कि उधर से गुजरने वालों को नाक बंद करना पड़ जाता है।जलाशय को चारों तरफ से कूड़े-कचरे से पाट दिया गया है। देखकर यह लगता है कि यहां कोई जलाशय नहीं, बल्कि कूड़े कचरे का डंपिग स्थल है।


















