आजमगढ़ : सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे शहर के शापिंग कांप्लेक्स
आजमगढ़। फैज़ान अहमद तहलका 24×7 शहर में इन दिनों शापिंग कांप्लेक्सों की बाढ़ सी आगई है। अनेक स्थानों पर कांप्लेक्स तो खुल गए हैं लेकिन यहां पर सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही जा रही है। रोजाना हजारों की संख्या में लोग इन शॉपिंग कांप्लेक्सों में जाकर सामान की खरीदारी करते हैं। शापिंग कांप्लेक्स संचालक खुलेआम आमजन की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कई जगहों पर तो शापिंग कांप्लेक्स में पार्किंग तक की व्यवस्था तक नहीं है। लोगों को सड़क किनारे अपनी बाइक या वाहन को खड़ा कर जाना पड़ता है। अगर बाहर से बाइक चोरी हो गई तो उसकी कोई जिम्मेदारी भी नहीं लेते हैं। जनता की सुरक्षा से बेपरवाह शॉपिंग कांप्लेक्स संचालक केवल अपनी आमदनी के बारे में सोचते हैं।
शहर के हाईडिल चौराहा के पास, सिधारी, मड़या, सिविल लाइन, अग्रसेन चौक, मातबरगंज, चौक, मुकेरीगंज सहित कई स्थानों पर मानकों को ताक पर रखकर शॉपिंग कांप्लेक्स संचालित हैं। ग्राहकों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए ये शापिंग कांप्लेक्स समय- समय पर स्कीम भी देते रहते हैं। जनपद में दो-तीन शॉपिंग कांप्लेक्स को छोड़ दें तो सभी कांप्लेक्सों में केवल नाम मात्र के ही अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं। इतना ही नहीं शुक्रवार को पड़ताल के दौरान कई शॉपिंग कांप्लेक्स ऐसे मिले जहां पर गेट पर एक भी सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था। कई शॉपिग कांप्लेक्स के बाहर लाइन से बाइक खड़ी मिली पूछने पर पता चला कि यहां पर पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है जिसके कारण लोग अपने वाहनों को कांप्लेक्स के बाहर सड़क किनारे खड़ाकर खरीददारी करने जाते हैं।
अगर इन शॉपिंग कांप्लेक्सों में कभी किसी कारणवश यदि शॉर्ट-सर्किट हुुआ तो बड़ा हादसा होने से कोई रोक नहीं सकता है। सिधारी हाइडिल के पास बने शॉपिंग कांप्लेक्स में गेट पर कोई सुरक्षा गार्ड नहीं था। यहां पर पाकिंग की कोई व्यवस्था नहीं थी। जिसके कारण लोग सड़क किनारे अपने वाहनों का खड़ा अंदर जा रहे थे। यही हाल सिविल लाइन व अग्रसेन चौके के पास स्थित शापिंग कांप्लेक्स का रहा। यहां पर भी गार्ड नहीं थे। शापिंग कांप्लेक्स में कैसा व्यक्ति जा रहा इससे शापिंग कांप्लेक्स संचालक बेपरवाह नजर आए।
# एक ही गेट से चलाया जा रहा काम
शहर में बने शापिंग कांप्लेक्सों का हाल यह है कि इनमें लोगों के अंदर जाने व खरीदारी करने के बाद बाहर जाने के लिए एक ही गेट बने हुए है। जबकि प्रवेश व निकास द्वारा अलग-अलग होना चाहिए। इसके अलावा आपातकालीन गेट (इमजेंसी) भी होना चाहिए कि अगर कभी कोई घटना होती है तो लोगों को सुरक्षित बाहर निकला जा सके। शहर में छोटे- बड़े दर्जन भर से अधिक शॉपिंग कांप्लेक्स चल रहे है। एक- दो शापिंग कांप्लेक्सों में ही ऐसी व्यवस्था है जहां पर लोगों की एक दरवाजे इंट्री होती है तो दूसरे से बाहर निकलते हैं। इन कांप्लेक्सों में अगर कभी कोई घटना होती है तो अंदर के अंदर ही फंस जाएंगे। क्योंकि यहां पर न तो कोई आपालकाल गेट है और न ही दूसरा कोई अन्य गेट जिसके कि लोग सुरक्षित बाहर निकल सकें।
# अग्निशमन यंत्रों की भी समय- समय पर नहीं होती है जांच
नगर में संचालित हो रहे शापिंग कांप्लेक्सों का हाल यह है कि एक तो यहां पर अग्निशमन यंत्र लगाने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई तो वहीं दूसरी तरफ इसकी जांच भी बहुत कम होती है। जिसके कारण कई अग्निशमन यंत्र खराब हो गए हैं। वर्षो से एक ही स्थान पर पड़े हैं। हालांकि इसके जांच की जिम्मेदारी अग्निशमन विभाग की है लेकिन वह भी कुछ जगहों की जांच कर अपना कोरम पूरा कर लेता है। कई शॉपिंग कांप्लेक्स तो ऐसे हैं जो विभाग से बिना एनओसी लिए ही संचालित हो रहे हैं। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी बनारसी दास चौहान ने कहा कि अभी मेरी नई तैनाती है, पूर्व की व्यवस्था क्या थी इसकी जानकारी नहीं है। जो लोग एनओसी नहीं लिए हैं उनको नोटिस जारी कर सारी प्रक्रिया पूरी कराकर एनओसी दी जाएगी। साथ ही सभी शॉपिंग कांप्लेक्सों की जांच की जाएगी कि वहां पर आने वालों के लिए सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं।