ईडी की छापेमारी पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी, कहा- ईडी सारी हदें पार कर रही

ईडी की छापेमारी पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी, कहा- ईडी सारी हदें पार कर रही

नई दिल्ली।
तहलका 24×7
             सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) देश के संघीय ढांचे का पूरी तरह उल्लंघन कर रहा है। केंद्रीय एजेंसी सभी सीमाएं लांघ रही है। साथ ही न्यायालय ने तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टीएएसएमएसी) के खिलाफ ईडी की जांच और छापेमारी पर रोक लगा दी।मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और एजी मसीह की पीठ के समक्ष आया।टीएएसएमएसी का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि यह एक निगम है, जो शराब की दुकानें दे रहा है, यह पाया गया कि जिन लोगों को दुकानें दी गई थी उनमें से कुछ लोग नकद ले रहे थे।
राज्य सरकार ने खुद 2014 से 2021 के बीच 41 एफआईआर दर्ज की। सिब्बल ने कहा कि ईडी 2025 में सामने आता है और निगम मुख्यालय पर छापा मारता है। इस दौरान सभी फोन ले लिए जाते हैं और उनकी क्लोनिंग की जाती है।सीजेआई ने ईडी के वकील से पूछा, निगम के खिलाफ अपराध कैसे? ईडी व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर सकता है और निगम के खिलाफ आपराधिक मामला क्यों? ईडी सभी सीमाओं को पार कर रहा है। पीठ ने टीएएसएमएसी द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी करने का फैसला किया और ईडी से मामले में जवाब दाखिल करने को कहा।
साथ ही मामले की सुनवाई छुट्टियों के बाद तय की। सिब्बल ने तर्क दिया कि सभी हार्ड ड्राइव ले ली गई है। पीठ ने कहा, इस बीच, आगे की कार्यवाही पर रोक रहेगी। टीएएसएमएसी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने तर्क दिया कि ईडी ने टीएएसएमएसी अधिकारियों के फोन की क्लोन प्रतियां ले ली है और इससे उनकी निजता का उल्लंघन हो रहा है।सीजेआई ने कहा कि राज्य ने पहले ही अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। वे उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।
सीजेआई ने कहा, ईडी को अनावश्यक रुप से क्यों जांच करनी चाहिए।प्राथमिक अपराध कहां है?प्रवर्तन निदेशालय का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि हमने कुछ भी गलत नहीं किया है। हजारों करोड़ की धोखाधड़ी की गई है और नकदी जुटाई गई है। राजू ने अदालत से यह सारी जानकारी हलफनामे पर रखने और उसे सुप्रीम कोर्ट में पेश करने की अनुमति मांगी।पीठ ने कहा कि ईडी इसे हलफनामे पर रख सकता है। सीजेआई ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी देश के संघीय ढांचे का पूरी तरह से उल्लंघन कर रही है और जोर देकर कहा, ईडी सभी सीमाएं पार कर रही है। सीजेआई ने ईडी के वकील से कहा कि जवाब दाखिल करने के बाद अदालत उनकी बात सुनेगी।
तमिलनाडु सरकार और टीएएसएमएसी ने ईडी पर अपनी शक्तियों का अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है। मार्च में की गई छापेमारी को अवैध बताया है। उन्होंने ईडी की छापेमारी की वैधता को चुनौती देते हुए मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।हाईकोर्ट ने उनकी याचिकाओं पर विचार करने से इनकार कर दिया। टीएएसएमएसी ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। ईडी को लगभग 41 एफआईआर में शामिल आरोपों के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का संदेह था।
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