ई-विन एई डिजिटल प्लेटफार्म पर मौजूद है वैक्सीन की सूचना- डॉ नरेंद्र सिंह

ई-विन एई डिजिटल प्लेटफार्म पर मौजूद है वैक्सीन की सूचना- डॉ नरेंद्र सिंह

# ई-विन एई से मिलती है वैक्सीन की स्थिति, मात्रा, सुरक्षित है या नहीं आदि की जानकारी

# नियमित टीकाकरण के माइक्रोप्लान के नवीनीकरण के बारे में विस्तार से दी जानकारी

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
                मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में शनिवार को जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (डीआईओ) डॉ नरेन्द्र सिंह ने जनपद के सभी ब्लॉक स्तरीय प्रभारी चिकित्साधिकारियों (एमओआईसी), ब्लॉक टीकाकरण अधिकारियों एवं ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम) को प्रशिक्षण दिया। उन्हें वर्ष 2022-23 के नियमित टीकाकरण के माइक्रोप्लान के नवीनीकरण के बारे में विस्तार से बताया।
नियमित टीकाकरण, कोल्ड चेन मेंटेनेंस, वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता, ई-विन एई पोर्टल पर वैक्सीन की सूचना नियमित रूप से अपडेट करते रहने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण में बताया गया कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में ई-विन एई वैक्सीन की सूचना का डिजिटल प्लेटफार्म है। इसमें तीन मुख्य सूचनाएं- ‘हमारी वैक्सीन कहां है, कितनी मात्रा में है, सुरक्षित है या नहीं अथवा किस तापमान पर है’ के बारे में जानकारी मिलती है। टीकाकरण के प्रतिकूल प्रभावों के बारे में भी बताया जो कि कुछ लाभार्थियों में दिखाई देते हैं।
टीकाकरण के बाद कुछ लाभार्थियों में हल्का बुखार, टीके की जगह पर हल्की सूजन एवं दर्द के लक्षण दिखते हैं। ऐसे लाभार्थियों के माता-पिता को पहले से ही समझा दिया जाता है कि ऐसा होने पर बिल्कुल न घबराएं। एक-दो दिन में सारे लक्षण स्वयं ही समाप्त हो जाते हैं। वैक्सीन से जिन 12 जानलेवा बीमारियों से बचाव होता है उनके सर्विलांस के बारे में भी जानकारी दी। बताया कि इस सर्विलांस से टीकाकरण के माध्यम से खत्म हो रही बीमारियों का अनुश्रवण किया जाता है।
इस दौरान बताया कि 1,37,624 गर्भवती का नियमित टीकाकरण में लक्ष्य निर्धारित है जिसका 97 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। इसी तरह से एक वर्ष तक 1,13,649 बच्चों का टीकाकरण होना है जिसमें 101 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर ली गई है। बीसीजी के टीकाकरण में भी 113 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की जा चुकी है। वर्ष 2022-23 के लिए भी यही लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसकी शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने की योजना तैयार की गई है।
कार्यशाला में उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (डिप्टी डीआईओ) डॉ डीके सिंह, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से सर्विलांस मेडिकल आफिसर (एसएमओ) डॉ अभिजीत जोशे, यूनीसेफ के डीएमसी गुरदीप कौर, बलवंत सिंह, यूएनडीपी के वैक्सीन एंड कोल्ड चेन मैनेजर (वीसीसीएम) शेख अबजाद व अन्य एसीएमओ उपस्थित रहे। 
Previous articleजौनपुर : जेसीबी मशीन से तालाब खुदाई का वीडिओ वायरल
Next articleजौनपुर : अनुपस्थित तीन स्वास्थ्य कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी
Tahalka24x7
तहलका24x7 की मुहिम... "सांसे हो रही है कम, आओ मिलकर पेड़ लगाएं हम" से जुड़े और पर्यावरण संतुलन के लिए एक पौधा अवश्य लगाएं..... ?