ओवरलोड ट्रकों से अवैध वसूली का भंडाफोड़
# आरटीओ सिपाही समेत चार गिरफ्तार
वाराणसी।
तहलका 24×7
लखनऊ एसटीएफ ने पूर्वांचल में ओवरलोड ट्रकों को चेकिंग से बचाने और उन्हें पास कराने के नाम पर चल रहे अवैध वसूली गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गाजीपुर आरटीओ में तैनात एक सिपाही समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।आरोपियों के कब्जे से नकदी,मोबाइल फोन,फर्जी परिचय पत्र और दो कारें बरामद की गई हैं।एसटीएफ को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग परिवहन विभाग के कर्मचारियों का प्रभाव दिखाकर ट्रक चालकों और मालिकों से धन उगाही कर रहे हैं।

इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए लखनऊ के इकाना स्टेडियम के पास घेराबंदी कर गिरोह के सरगना विपिन कुमार यादव उर्फ पातू चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया।पूछताछ में उसके चालक को निर्दोष पाए जाने पर छोड़ दिया गया।एसटीएफ टीम विपिन यादव को साथ लेकर वाराणसी-जौनपुर मार्ग पर फूलपुर क्षेत्र पहुंची, जहां गिरोह के अन्य सदस्य सक्रिय थे। टीम ने मौके से आकाश चौधरी,प्रदीप गुप्ता और राजा कुमार को गिरफ्तार किया।आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन,चार कूटरचित परिचय पत्र,42,500 रुपये नकद, मोबाइल चैट के स्क्रीनशॉट और दो कारें बरामद की गईं।

एसटीएफ द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे के आधार पर फूलपुर थाना पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया,जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।पूछताछ में विपिन यादव ने बताया कि वह वर्ष 2005 से परिवहन विभाग में आरक्षी के पद पर कार्यरत है और वर्तमान में गाजीपुर में तैनात है।उसने स्वीकार किया कि विभाग में लंबे समय से कार्य करने के कारण उसकी गहरी पकड़ बन गई थी।

इसी का फायदा उठाकर उसने अपने सहयोगियों के साथ एक नेटवर्क तैयार किया,जो वाराणसी,गाजीपुर, मिर्जापुर और सोनभद्र समेत कई जिलों में सक्रिय था। जांच में सामने आया कि गिरोह ट्रक मालिकों से प्रति वाहन करीब तीन हजार रुपये “इंट्री फीस” वसूलता था। बदले में उन्हें आरटीओ चेकिंग की लोकेशन की जानकारी देने और कार्रवाई से बचाने का आश्वासन दिया जाता था।

गिरोह ओवरलोड ट्रकों को अंडरलोड दिखाने, फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल करने तथा वसूली की रकम के बंटवारे का काम भी करता था।फूलपुर थाने में दर्ज मुकदमे में विपिन यादव,आकाश चौधरी,प्रदीप गुप्ता उर्फ विक्की,हृदय चौधरी,भोलानाथ चौधरी,दिनेश यादव,सतीश चौधरी,राजा कुमार और पिंकू सिंह समेत कई अन्य आरोपियों को नामजद किया गया है।पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले में अन्य विभागीय अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


















