गंभीर मामलों में घिरे वकीलों पर होगी कार्रवाई,बार काउंसिल ने सभी बार एसोसिएशनों से 15 दिन में मांगी सूची
लखनऊ।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने प्रदेश की सभी बार एसोसिएशनों को 15 दिनों के भीतर ऐसे अधिवक्ताओं की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है,जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों में एफआईआर दर्ज है,आरोपपत्र दाखिल हो चुका है या जिनके मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।

बार काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सूची उपलब्ध न कराने वाली बार एसोसिएशनों की मान्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त की जा सकती है। इसके अलावा,ऐसी एसोसिएशनों के अधिवक्ताओं को बार काउंसिल की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिलेगा।

बार काउंसिल ने यह भी कहा है कि इस आदेश की अनदेखी को इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना माना जाएगा और संबंधित बार एसोसिएशनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।इस कदम का उद्देश्य अधिवक्ता समुदाय में पारदर्शिता,जवाबदेही और न्यायिक व्यवस्था में जनविश्वास को मजबूत करना बताया जा रहा है।अब सभी बार एसोसिएशनों को 15 दिनों के भीतर मांगी गई जानकारी बार काउंसिल को उपलब्ध करानी होगी।


















