जेलर को धमकाने के मामले में मुख्तार अंसारी को सात साल की सजा
# हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 37 हजार का जुर्माना भी लगाया
# एमपी/एमएलए कोर्ट ने कर दिया था बरी
लखनऊ।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
बाहुबली मुख्तार अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राजधानी के आलमबाग थाने में दर्ज जिला जेल के जेलर को धमकाए जाने के मामले में आज दोषी करार देते हुए कोर्ट ने आईपीसी की धारा 506 के तहत मुख्तार अंसारी को 7 साल की सजा सुनाई और 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। 28 अप्रैल 2003 को आलमबाग थाने में इस मामले की एफआईआर दर्ज हुई थी।

तत्कालीन जेलर एसके अवस्थी ने मुख्तार अंसारी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। तत्कालीन विधायक मुख्तार अंसारी से जेल में मिलने कुछ लोग आए थे, इन लोगों की तलाशी लेने पर मुख्तार अंसारी भड़क गये थे। मुख्तार अंसारी ने उससे मिलने आए एक युवक से रिवाल्वर लेकर जेलर एसके अवस्थी पर तान दी थी और उन्हे जान से मारने की धमकी दी थी। 23 दिसंबर 2020 को एमपी/एमएलए कोर्ट ने मुख्तार को इस मामले से बरी कर दिया था। एमपी/एमएलए कोर्ट के फैसले के खिलाफ प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की थी। यह निर्णय न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने राज्य सरकार की अपील को मंजूर करते हुए पारित किया।


















