आरके हॉस्पिटल ब्लड बैंक के निदेशक डॉ जेपी दूबे ने बताया कि कस्बे के डिहवा भादी निवासी अब्दुल कयूम और बिस्मिल्लाह ने बकरीद के पहले पड़ने वाले जुमा को रक्तदान किया। ये दोनों पहले भी रक्तदान करते रहे हैं। इन्होंने अपने साथ सत्येंद्र यादव, प्रभाकर सिंह, शिव नारायण यादव, संदीप यादव, फैज़ान, सुफियान और जय प्रकाश यादव एडवोकेट के द्वारा भी रक्तदान करवाया और हिंदू मुस्लिम भाईचारे की मिसाल कायम की। रक्तदाताओं को ब्लड बैंक के निदेशक डॉ जेपी दूबे ने प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया।
डॉ दूबे ने बताया कि रक्तदान को लेकर लोगों में फैली भ्रांतियां गलत हैं। देश मे आए दिन सैकड़ों लोगों की समय पर रक्त नहीं मिलने के कारण मौत हो जाती है। ऐसे में समाज को अपने कर्तव्यों के लिए जागरूक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि नियमित रक्तदान से शरीर में आयरन की मात्रा और रक्तचाप संतुलित रहता है। कैंसर और हार्ट अटैक का खतरा बहुत कम हो जाता है। नई रक्त कोशिकाएं बनती हैं, लीवर स्वस्थ रहता है और मोटापा पर असर पड़ता है। सबसे महत्वपूर्ण यह कि शरीर की रक्त प्रतिरोधक क्षमता लगातार बढ़ती है।