जौनपुर : चकबंदी अधिकारियों के भ्रष्टाचार से जनता त्रस्त
# डीएम से शिकायत करने के बाद भी नहीं हुई कार्यवाही
केराकत।
विनोद कुमार
तहलका 24×7
योगी सरकार जीरो टॉलरेंस की बात करती है, लेकिन उनके ही अधिकारी भ्रष्टाचार करने में तनिक भी गुरेज नहीं करते। योगी सरकार दूसरी बार उत्तर प्रदेश की सत्ता में आई लेकिन अधिकारियों का रवैया जैसे पहले था वैसे आज भी है। मामला जौनपुर जिले के केराकत तहसील अंतर्गत आने वाले ब्लॉक मुफ्तीगंज के तहत गांव बीरमपुर का है। जहां पर पिछले कई वर्षों से चकबंदी विभाग भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबा है।

चकबंदी के अधिकारियों के भ्रष्टाचार व अनियमितता से यहां की जनता पूरी तरह से त्रस्त हो चुकी है। पैसा लेकर अनाप-शनाप लोगों को उड़ान चक या फिर जिसके घर के पास चक नहीं है उसे भी वहां पर जमीन दे दी गई। जिसकी शिकायत बीरमपुर ग्राम सभा के दर्जनों ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी से की। बता दे कि शिकायत जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री अन्य संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन किसी के कान पर जूं तक रेंगता नहीं दिख रहा। उक्त ग्राम सभा के निवासियों का कहना है कि बिना काश्तकारों को कोई नोटिस दिए गए, कई आदेश पारित कर उस पर कार्यवाही कर दी गई है। हम लोग अगर अधिकारियों से कोई सवाल करते हैं तो स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता और टालमटोल कर बात को काट दिया जाता है। साथ ही ग्रामवासियों का आरोप है कि अधिकारियों द्वारा ग्राम प्रधान की मिलीभगत से गांव के संपन्न, धनाढ्य व दबंग किस्म के लोगों को अवैध तरीके से 2 हेक्टेयर आबादी की जमीन उनके घर के अगल-बगल आरक्षित कर दी गई। इस पर शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। साथ ही सामान्य आबादी के साथ-साथ कुछ काश्तकारों के व्यक्तिगत आबादी, व्यक्तिगत खलियान व व्यक्तिगत अस्पताल आदि के लिए भूमि आरक्षित कर दिया गया।



















