जौनपुर : शासन से खाद्यान्न की कालाबाजारी की जांच-पड़ताल शुरू
# विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से खाद्यान्न माफिया पर कालाबाजारी करने का आरोप
मछलीशहर। दीपक श्रीवास्तव तहलका 24×7 खाद्यान्न माफियाओं द्वारा बड़े पैमाने पर राशन की कालाबाजारी करने का प्रकरण सामने आने के बाद शासन के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एआरओ द्वारा जांच शुरू की गई है। जांच होने की जानकारी होने के बाद खाद्यान्न माफियाओं में हड़कम्प मच गया हैं।
नगर पंचायत मछलीशहर के रामहित ने एक खाद्यान्न माफिया की कुछ दिन पूर्व शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि खाद्यान्न निकासी का सरकारी ठेकेदार ना होने के कारण एक माफिया द्वारा बिना किसी आधार के विक्रेताओं का शोषण किया जा रहा है और खाद्यान्न कालाबाजारी करने के लिए विक्रेताओं पर दबाव बनाकर बड़े पैमाने पर खुले बाजार में गरीब जनता का राशन बेच दिया जा रहा है।
खाद्यान्न की निकासी उक्त द्वारा करवाई जाती है और उन विक्रेताओं को निकासी में प्राथमिकता दी जाती है जो खाद्यान्न की कालाबाजारी और उसके डायवर्जन में सहयोग करते हैं और जिन विक्रेताओं के द्वारा ऐसा नहीं किया जाता उनको खाद्यान्न निकासी हेतु बार-बार गोदाम पर बुलाकर बिना खाद्यान्न दिए ही वापस कर दिया जाता है।
बसपा सरकार के मंत्री रहे सुभाष पांडेय द्वारा अपने कार्यकाल में मिट्टी के तेल की कालाबाजारी किए जाने के कारण प्रथम सूचना रिपोर्ट उक्त पर थाना मछलीशहर में करवाया गया था। इन दोनों प्रकरणों के बावजूद भी अभी तक खाद्यान्न माफियाओं को गोदाम पर प्रसय दिया जा रहा है जिससे इनका मनोबल बढ़ता जा रहा है।
सरकार का सार्वजनिक वितरण प्रणाली द्वारा एमडीएम, आंगनबाड़ी तथा विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ कार्ड धारकों, विद्यालयों के बच्चों को देने का जो संकल्प है उसमें बाधा उत्पन्न हो रही है। जिसकी जांच के लिए अनु सचिव दयाराम द्वारा जिलाधिकारी जौनपुर को पत्र जारी किया गया हैं। जिलाधिकारी ने एआरओ समेत विभाग के अधिकारियों को जांच सौप कर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया है। जिसकी जांच शुरू होते ही खाद्यान्न माफियाओं में हड़कंप मच गया है।