जौनपुर : शोकसभा कर दी गई मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि

जौनपुर : शोकसभा कर दी गई मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि

# मदर निसा फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित हुआ कार्यक्रम 

शाहगंज। 
राजकुमार अश्क 
तहलका 24×7 
          पूर्व मुख्यमंत्री एंव सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन पर नगर के आजमगढ़ रोड स्थित मदर निसा फाउंडेशन के कार्यालय पर संस्था के संयोजक फैजा़न अहमद की अध्यक्षता में एक शोकसभा का आयोजन किया गया। जिसमें संस्था के सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। तत्पश्चात उनके चित्र पर पुष्पांजलि कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किया।
इस दौरान शोकसभा को सम्बोधित करते हुए संस्था के संयोजक फैजा़न अहमद ने मुलायम सिंह यादव के व्यक्तित्व एंव कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नेताजी शुरू से ही दलितों शोषितों एवं वंचितों की राजनीति करते थे। मुलायम सिंह यादव अति निम्न पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हुए अपने जीवन की शुरुआत एक अध्यापक के रूप में की तथा 1967 में पहली बार विधान सभा सदस्य के रूप में चुने गए, फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा और राजनीतिक उतार-चढाव देखते हुए 1992 में अपनी खुद की समाजवादी पार्टी का गठन किया, जो बहुत जल्द ही पूरे प्रदेश में अपना वर्चस्व कायम किया और भारत के सबसे बडे़ प्रदेश के तीन बार अगुआ बनने का गौरव प्राप्त किया।
संस्था के सदस्य गुफरान अहमद ने कहा कि नेताजी जब देश के रक्षामंत्री थे तब उन्होंने एक ऐतिहासिक फैसला लिया था जिसके बाद से सीमा पर शहीद हुए सैनिकों का शव राष्ट्रीय सम्मान के साथ उनके आवास पर पहुंचाया जाने लगा अन्यथा उसके पहले शहीद जवानों की सिर्फ़ टोपी ही उनके पैतृक आवास पर भेजी जाती थी। संस्था के ही वरिष्ठ सदस्य जे़या अनवर ने कहा कि नेताजी के मुख्यमंत्री कार्यकाल में बहुत से ऐसे फैसले हुए जो भारतीय इतिहास में मील के पत्थर साबित हो रहें हैं, जैसे उन्हीं के शासनकाल में सुखोई विमान का प्रस्ताव, शिक्षा के क्षेत्र में उठाया गया कदम आज भी सराहनीय है। लाल बहादुर यादव ने अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि नेताजी के निधन से पूरा देश दुखी हैं, उनके चाहने वाले सिर्फ़ उनकी ही पार्टी के लोग नहीं थे बल्कि विपक्षी भी उनका आदर करते थे।
श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से राजीव सिंह, डॉ काशिफ, रोहित मौर्या, अरूण यादव, करन गुरु, एख़लाक़ खान, बेलाल आतिश, शहाबुद्दीन, गुड्डू, लाल बहादुर यादव, राजबहादुर, आशीष अग्रहरि, राजकुमार अश्क, रिज़वान अहमद, गुफरान अहमद, सुफियान अंसारी, महफूज़ अहमद, धीरेंद्र श्रीवास्तव, मिर्ज़ा शाहबाज, अखिलेश दुबे, अजय यादव, मिर्ज़ा तबरेज समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।
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