डिजिटल अरेस्ट कर रिटायर्ड बैंक मैनेजर से 2.20 करोड़ की ठगी,12 दिन तक वीडियो कॉल पर रखा बंधक
गाजियाबाद।
तहलका 24×7
साइबर ठगों ने 84 वर्षीय रिटायर्ड बैंक मैनेजर और उनकी पत्नी को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 2.20 करोड़ रुपये की ठगी कर ली।आरोपियों ने खुद को पुलिस व प्रवर्तन निदेशालय का अधिकारी और जज बताकर 12 दिनों तक वीडियो कॉल पर पूछताछ की।भय और दबाव में आकर बुजुर्ग दंपती ने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी के साथ करीब 70 लाख रुपये उधार लेकर भी ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।

साइबर क्राइम थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, रामप्रस्थ ग्रींस सोसायटी निवासी 84 वर्षीय राम प्रकाश हूरिया के मोबाइल पर 22 मई को व्हाट्सएप कॉल आई।कॉल करने वाले ने खुद को दरियागंज थाने का पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि वर्ष 2023 में बैंक से जुड़े 538 करोड़ रुपये के कथित गबन मामले में उनके नाम का इस्तेमाल हुआ है और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।आरोपियों ने दंपती को किसी से भी संपर्क न करने की हिदायत देते हुए उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ में होने की बात कही।

इसके बाद वीडियो कॉल पर फर्जी अदालत लगाकर खुद को पुलिस,ईडी अधिकारी और जज बताने वाले लोग रोजाना चार से आठ घंटे तक पूछताछ करते रहे। लगातार मानसिक दबाव और गिरफ्तारी के डर से दंपती ने अलग-अलग खातों में करीब 2.20 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।बाद में खुद के साथ ठगी होने का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है और आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।

















