तीन साल बाद हुई जमीन की पैमाइश तो डीएम को सब्जी का ‘गिफ्ट’ लेकर पहुंचा किसान

Screenshot

तीन साल बाद हुई जमीन की पैमाइश तो डीएम को सब्जी का ‘गिफ्ट’लेकर पहुंचा किसान

# बोला- साहब,आपका बहुत-बहुत धन्यवाद… मेरा काम हो गया, अब ये सब्जी आप रख लीजिए

आगरा। 
तहलका 24×7 
              सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते परेशान एक किसान की तीन साल पुरानी समस्या जब जिलाधिकारी की पहल पर हल हुई तो वह खुशी में डीएम कार्यालय पहुंच गया।हाथ में कोई महंगा उपहार नहीं,बल्कि अपने खेत की उगाई हुई करीब एक किलो ककोड़े की सब्जी थी।किसान ने झोला जिलाधिकारी की मेज पर रखते हुए कहा,साहब,आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।मेरा काम हो गया।अब ये सब्जी आप रख लीजिए।
किसान के इस भोलापन और अपनत्व भरे अंदाज को देखकर जिलाधिकारी मनीष बंसल भी मुस्कुरा उठे। उन्होंने किसान की भावना को सम्मान देते हुए कहा,ये तो अनमोल है,मैं इसे कैसे मना कर सकता हूं।दरअसल, बाह तहसील क्षेत्र के बसई अरेला निवासी किसान रामप्रकाश अपनी जमीन की पैमाइश को लेकर करीब तीन साल से परेशान थे।जमीन की पैमाइश के लिए उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के यहां कई बार शिकायत की,लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था।किसान का आरोप था कि राजस्व निरीक्षक और लेखपाल मामले को लगातार टालते रहे।
लगातार चक्कर लगाने के बाद रामप्रकाश अपनी फरियाद जिलाधिकारी कार्यालय लेकर पहुंचे और डीएम मनीष बंसल को अपनी समस्या बताई।जिलाधिकारी के स्तर से मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जमीन की पैमाइश कराने के निर्देश दिए गए।इसके बाद किसान की तीन साल पुरानी समस्या का समाधान हो गया और उसकी जमीन की पैमाइश करा दी गई।काम होने के बाद किसान की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
वह डीएम का आभार जताने के लिए अपने खेत की सब्जी लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गया।किसान ने कहा कि उसके लिए यह सब्जी कोई सामान्य उपहार नहीं,बल्कि डीएम के प्रति कृतज्ञता और खुशी का प्रतीक है।किसान का यह अंदाज कलेक्ट्रेट में चर्चा का विषय बन गया। वहीं, डीएम ने भी किसान की भावना को समझते हुए सब्जी स्वीकार कर ली।सरकारी कामकाज के बीच किसान और जिलाधिकारी के बीच अपनत्व का यह छोटा-सा पल लोगों के लिए खास बन गया।
Previous articleपत्थर से कूंचकर व्यवसायी की हत्या, दो पर जानलेवा हमला
Next articleनाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष का कठोर कारावास
Tahalka24x7
तहलका24x7 की मुहिम... "सांसे हो रही है कम, आओ मिलकर पेड़ लगाएं हम" से जुड़े और पर्यावरण संतुलन के लिए एक पौधा अवश्य लगाएं..... ?