दवा मंडी को शहर से बाहर भेजने पर व्यापारियों का जबरदस्त विरोध

दवा मंडी को शहर से बाहर भेजने पर व्यापारियों का जबरदस्त विरोध                              

वाराणसी।
तहलका 24×7
               दवा और नशीले सीरप के काले कारोबार के ताजा खुलासे के बाद अब सप्तसागर दवा मंडी को शहर के बाहर स्थानांतरित करने की चर्चा जोर पकड़ रही है। इसी को लेकर व्यापारिक संगठनों में मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। एक तरफ व्यापारियों के एक संगठन ने मेयर से मिलकर मंडी को शहर से बाहर ले जाने की मांग वाला ज्ञापन सौंप दिया, वहीं दूसरी तरफ दवा व्यापारियों ने इस कदम को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
मंगलवार को सप्तसागर मार्केट में बड़ी संख्या में जुटे व्यापारियों ने बैठक कर दवा मंडी के स्थानांतरण के प्रस्ताव का जोरदार विरोध किया।बैठक में मौजूद व्यापारियों का कहना था कि जिस संगठन ने महापौर को ज्ञापन दिया है, उसने दवा व्यापारियों से कोई सहमति नहीं ली, जो अत्यंत गलत और भ्रामक है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि ज्ञापन के जरिए दवा मंडी को बंद कराने या स्थानांतरित कराने की साजिश हो रही है, जिसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा।
व्यापारियों ने कहा कि वे बीते 30-40 वर्षों से इसी जगह पूरी सुरक्षा और सुकून के साथ व्यापार कर रहे हैं। मार्केट में व्यापारियों के बीच भाईचारा और अनुकूल वातावरण हमेशा बना रहा है। हर जरुरी सुविधा यहां उपलब्ध है। शहर के बीच में होने के कारण व्यापारी वर्ग खुद को सुरक्षित महसूस करता है, इसलिए सबने स्पष्ट किया दवा मंडी को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट करने का कोई औचित्य नहीं है। किसी भी कीमत पर स्थानांतरण स्वीकार नहीं।
बैठक में भारी संख्या में व्यापारी मौजूद थे और सभी ने एक स्वर में दवा मंडी स्थानांतरण के खिलाफ प्रस्ताव पास किया।बैठक में दिनेशचंद्र गुप्ता, योगेश सप्तऋषि, दीपू मारू, सावन गुप्ता, नितेश श्रीवास्तव, संजीव गोयल, रवि गुप्ता, अनूप जायसवाल, शरद गुप्ता, प्रदीप अग्रवाल, ईशान केसरी, प्रशांत जायसवाल, अनिल बर्नवाल, मनीष श्रीवास्तव, संजय गुप्ता, अतुल जैन, विनोद यादव, दिनेश कुमार, त्रिलोकी, दीना केसरी, कौस्तुभ जैन, सोनू, अजय गुप्ता, अशोक सिंह सहित सैकड़ों दवा व्यापारी रहे।
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