नागपंचमी पर स्कूलों से बच्चे नदारद, ताकते रहे गुरुजी
सुइथाकला, जौनपुर।
राजेश चौबे
तहलका 24×7
मंगलवार को नागपंचमी पर्व के चलते क्षेत्र के स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति जहां नदारद रही, वहीं स्कूल पहुंचे गुरुजन बच्चों के आने को लेकर ताकते रह गए। जिसके चलते एमडीएम से लेकर पठन पाठन तक का कार्य ठप्प रहा।बता दें कि सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी का दिन सनातन धर्म में महत्वपूर्ण माना जाता है।इस दिन हर घर में नाग पंचमी पर्व मनाया जाता है।

विधि विधान से पूजन अर्चन के बाद घरों में महिलाएं जहां एक से बढ़कर एक स्वादिष्ट व्यंजनों को बनाती हैं, वहीं गांव गिरांव में झूला झूलने के साथ ही जगह-जगह पर कजरी, आल्हा, बिरहा और विविध प्रकार के खेलों अखाड़ा में कुश्ती, कूद और दौड़ आदि का आयोजन होता है। इन सबके बीच बच्चों में खाने पीने से लेकर झूला झूलने और खेलकूद में काफी दिलचस्पी रहती है। जिसका असर शिक्षा क्षेत्र के बेसिक स्कूलों में देखने को मिला। निर्धारित कार्य दिवस के अनुसार अध्यापक स्कूल में पहुंच गए, लेकिन तमाम स्कूलों में बच्चे नदारद रहे।

स्कूल पहुंचे गुरुजन बच्चों के स्कूल आने की बाट जोहते रहे।गौरतलब हो कि विगत कई वर्षों विभाग द्वारा स्कूलों में पितृ विसर्जन, नागपंचमी जैसे पर्वों पर होने वाले अवकाश को समाप्त कर दिया गया है। पीएसपीएसए के मण्डल महामंत्री पंकज सिंह ने बताया कि पहले इस पर्व पर अवकाश हुआ करता था, लगभग आठ वर्ष से उक्त अवकाश को समाप्त कर दिया गया है। बहरहाल नागपंचमी पर्व को लेकर लोग विभागीय आदेश पर भारी पड़ते दिखे और स्कूलों में बच्चों की संख्या नदारद रही।


















