निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण मामले पर हाईकोर्ट में बहस पूरी
# 27 दिसंबर को आयेगा फैसला, तब तक अधिसूचना पर लगी रहेगी रोक
लखनऊ।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण मामले पर हाईकोर्ट में आज बहस के दौरान अदालत सरकारी वकीलों के तर्कों से संतुष्ट नहीं दिखी। अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए सरकारी वकील से पूछा आप ओबीसी का डेटा कहां से लाए। निकाय चुनाव की अधिसूचना पर कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है, जिसे 27 दिसंबर मंगलवार को सुनाया जाएगा। इससे निकाय चुनाव टलने के भी आसार बन गए हैं। मामले में हाईकोर्ट में आज सुबह 11.15 बजे सुनवाई शुरू हुई और शाम 3.45 बजे फैसला सुरक्षित रखे जाने का निर्णय आया।
बहस के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने सबसे पहले अपना पक्ष रखा। उन्होने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण के लिए एक डेडिकेटेड कमीशन बनाया जाए, इसी की मांग हो रही है, जो राजनीतिक पिछड़ेपन की रिपोर्ट दे। उसी पर अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण तय किया जाए। मुख्य याचिकाकर्ता पीयूष पाठक ने कहा कि हर तथ्य रखे गए हैं कोर्ट ने पूरी बातें सुनी।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने 12 दिसंबर को निकाय चुनाव के लिए अधिसूचना जारी करने पर अंतरिम रोक लगाई थी। मामला ओबीसी आरक्षण को लेकर फंसा रहा जिसके लिए याचिका दायर की गई थी। आरोप है कि सरकार ने बिना ट्रिपल टेस्ट के रैपिड टेस्ट के आधार पर आरक्षण तय कर दिया था। बहस के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने सबसे पहले अपना पक्ष रखा। उन्होने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण के लिए एक डेडिकेटेड कमीशन बनाया जाए, इसी की मांग हो रही है, जो राजनीतिक पिछड़ेपन की रिपोर्ट दे। उसी पर अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण तय किया जाए। मुख्य याचिकाकर्ता पीयूष पाठक ने कहा कि हर तथ्य रखे गए हैं कोर्ट ने पूरी बातें सुनी। मामले में याचियों और राज्य सरकार की ओर से बहस पूरी कर ली गई है।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की खंडपीठ ने अपना आदेश फैसला सुरक्षित कर लिया है। न्यायालय ने शनिवार को इस मुद्दे पर दाखिल कुल 93 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की। मामले में 27 दिसंबर को फैसला सुनाया जाएगा। आज हुई बहस में सरकार और याची पक्ष की दलीलों को सुना गया।

















