पाकिस्तानी महिला के लांग टर्म वीजा की याचिका पर विचार करने से हाईकोर्ट ने किया इनकार
नई दिल्ली।
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दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय नागरिक की पाकिस्तानी पत्नी शीना नाज की लंबी अवधि की वीजा की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।जस्टिस सचिन दत्ता की बेंच ने साफ किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप का कोई स्थान नहीं है।शीना नाज ने अपने निवास परमिट को रद्द न करने और लंबे अवधि के वीजा के आवेदन पर जल्द फैसला लेने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी।

उनका निवास परमिट 26 मार्च से 9 मई तक वैध था। बता दें कि शीना नाज की शादी एक भारतीय नागरिक से हुई है।पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने 24 अप्रैल को पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं निलंबित करने का फैसला किया और सभी को 27 अप्रैल तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया था। इसी फैसले के बाद शीना नाज ने अपने वीजा आवेदन पर विचार करने और 26 मार्च से 9 मई तक वैध उनके निवास परमिट को निलंबित न करने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था।

कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार का ये फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण लिया गया है। इसमें न्यायिक समीक्षा की कोई गुंजाइश नहीं है। कोर्ट ने कहा कि फॉरेन एक्ट की धारा 3(1) के तहत जारी आदेश में कोई न्यायिक समीक्षा की जरुरत नहीं है, क्योंकि यह गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से प्रेरित है। कोर्ट ने कहा कि इस कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में इस आदेश में कोई अपवाद भी शामिल नहीं है। दिल्ली सरकार के गृह विभाग के अतिरिक्त सचिव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि भारत सरकार, गृह मंत्रालय के विदेशी प्रभाग ने 24 अप्रैल से पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सार्क वीजा रद्द कर दिया है।

इसके अलावा भारत सरकार ने तत्काल प्रभाव से पाक नागरिकों के लिए वीजा निलंबित करने का निर्णय लिया है। भारत सरकार द्वारा पाक नागरिकों को जारी किए गए मेडिकल वीजा, लॉन्ग टर्म वीजा, डिप्लोमेटिक और आधिकारिक वीजा को छोड़कर सभी मौजूदा वैध वीजा 27 अप्रैल से तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं। इसके साथ ही पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए मेडिकल वीजा केवल 29 अप्रैल तक वैध होंगे। इस संबंध में कोई नया वीजा जारी नहीं किया जाएगा।

















