फर्जी डीआईजी बनकर सर्राफा कारोबारी से करोड़ों की ठगी,10 महीने में वसूले 1.09 करोड़ रुपये
दतिया।
तहलका 24×7
नकली वर्दी और फर्जी दस्तावेजों के सहारे एक शातिर ठग ने खुद को बड़ा पुलिस अधिकारी बताकर सर्राफा कारोबारी परिवार को इतना भयभीत कर दिया कि उनसे 10 महीनों में 1 करोड़ 9 लाख 50 हजार रुपये वसूल लिए गए।मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने जांच शुरु कर दी है।

जानकारी के अनुसार दतिया के सर्राफा कारोबारी अरविंद अग्रवाल का परिवार लंबे समय से सोने-चांदी के कारोबार से जुड़ा है।आरोप है कि रिटायर्ड प्रोफेसर अशोक कुमार गुप्ता और मनीष कुमार गुबरेले ने परिवार को निशाना बनाते हुए एक सुनियोजित साजिश रची। बताया गया कि अक्टूबर 2024 में मनीष तीन स्टार लगी वर्दी पहनकर कारोबारी की दुकान पर पहुंचा और खुद को एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स का डीआईजी बताया।

उसने कथित शिकायतों और फर्जी दस्तावेजों का हवाला देते हुए कारोबारी परिवार को कानूनी कार्रवाई,गिरफ्तारी और बदनामी का डर दिखाया।डर और दबाव का माहौल बनाकर आरोपियों ने अक्टूबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच कई किश्तों में लगभग 60 लाख रुपये वसूल लिए।

पुलिस जांच में सामने आया है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान परिवार से 1 करोड़ 9 लाख 50 हजार रुपये तक की वसूली किए जाने का आरोप है।मामले की जांच में यह भी सामने आया कि जिस व्यक्ति को परिवार लंबे समय तक एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी समझता रहा, वह वास्तव में फर्जी पहचान के जरिए लोगों को ठगने वाला शख्स था।पुलिस अब आरोपियों की भूमिका और वसूली गई रकम के लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है।


















