भ्रष्टाचार पर हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी,कानून में सख्ती पर विचार का सुझाव
# राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण का किया उल्लेख,अवैध निर्माण व बुलडोजर कार्रवाई पर भी दिए अहम निर्देश
प्रयागराज।
तहलका 24×7
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान भ्रष्टाचार पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह समाज में गंभीर समस्या बन चुका है।न्यायालय ने कहा कि यदि सरकार भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाना चाहती है तो भ्रष्टाचार निरोधक कानून को और अधिक कठोर बनाने पर विचार किया जा सकता है।

जस्टिस अतुल श्रीधरन व जस्टिस सिद्धार्थ की खंडपीठ हमीरपुर निवासी कैफुद्दीन समेत अन्य याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।याचिकाओं में बुलडोजर कार्रवाई से संरक्षण की मांग की गई थी।सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि कई मामलों में नगर निकायों और विकास प्राधिकरणों के भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध निर्माण होते हैं।बाद में कार्रवाई होने पर सबसे अधिक नुकसान उन लोगों को उठाना पड़ता है,जिन्होंने मकान खरीद लिया होता है।

अदालत ने कहा कि अवैध निर्माण कराने वाले बिल्डरों के साथ उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।खंडपीठ ने अपने निर्णय में अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के प्रकरण का उल्लेख करते हुए समाज में बढ़ते भ्रष्टाचार पर चिंता व्यक्त की।कोर्ट ने टिप्पणी की कि भ्रष्टाचार के प्रति समाज की संवेदनशीलता कम होती जा रही है।

अदालत ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून को और कठोर बनाने की आवश्यकता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार गंभीर मामलों में कड़े दंड के प्रावधानों पर विचार कर सकती है।हालांकि,यह कोई न्यायिक आदेश नहीं है कि भ्रष्टाचार के मामलों में मृत्युदंड लागू किया जाए,बल्कि यह अदालत की टिप्पणी है।हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण और ध्वस्तीकरण प्रक्रिया में कानून का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

फैसले में कुछ बिंदुओं पर दोनों न्यायाधीशों की अलग राय भी सामने आई।विशेष रुप से एफआईआर दर्ज होने के बाद ध्वस्तीकरण की समय सीमा संबंधी टिप्पणी पर जस्टिस सिद्धार्थ ने असहमति व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी निश्चित समय सीमा तय करना संविधान के अनुच्छेद 226 के दायरे में उचित नहीं होगा।इस फैसले के बाद भ्रष्टाचार,अवैध निर्माण और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर न्यायालय की टिप्पणियां व्यापक चर्चा का विषय बनी हुई हैं।


















