मिशन सेफ फ्यूचर: 77 स्कूली वाहनों का चालान,15 सीज

मिशन सेफ फ्यूचर: 77 स्कूली वाहनों का चालान,15 सीज

# फिटनेस-परमिट विहीन वाहनों पर परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई,डीएम ने दिए मान्यता निरस्तीकरण के निर्देश

जौनपुर। 
गुलाम साबिर 
तहलका 24×7 
               स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा चलाए गए”मिशन सेफ फ्यूचर”अभियान के तहत जनपद में नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई।1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक चले विशेष अभियान में 77 स्कूली वाहनों का चालान किया गया, जबकि 15 वाहनों को सीज कर संबंधित थानों में खड़ा कराया गया।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सत्येन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान रामपुर, खुटहन,चंदवक,मछलीशहर,मड़ियाहूं,केराकत, जफराबाद और लाइन बाजार थाना क्षेत्रों में स्कूली वाहनों की सघन जांच की गई।जांच में बिना वैध परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों के संचालित वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों के विरुद्ध आगे भी अभियान लगातार जारी रहेगा।परिवहन विभाग ने सभी विद्यालय प्रबंधकों,प्रधानाचार्यों और वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र,परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर नवीनीकृत कराकर ही वाहनों का संचालन करें।
उधर,जिलाधिकारी ने फिटनेस और परमिट विहीन स्कूली वाहनों के संचालन पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में संबंधित विद्यालयों के खिलाफ मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
Previous article15 साल पुराने गैर इरादतन हत्या के मामले में दो को 10-10 साल की सजा जौनपुर। गुलाम साबिर तहलका 24×7 वर्ष 2011 के गैर इरादतन हत्या मामले में अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ/विशेष न्यायाधीश ई.सी. एक्ट की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए दो अभियुक्तों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 31-31 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार, मु.अ.सं. 798/2011 में अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 452, 304(2) एवं 34 के तहत आरोप तय किए गए थे। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने राममिलन पुत्र रामआधार तथा राकेश राजभर पुत्र विश्वनाथ राजभर, निवासी कलापुर, थाना खेतासराय, जनपद जौनपुर को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों अभियुक्तों को प्रत्येक को 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 31-31हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि यदि अभियुक्त अर्थदंड जमा नहीं करते हैं तो उन्हें छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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Tahalka24x7
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