रसोई गैस सब्सिडी पर केंद्र सरकार की सख्ती,देशभर में शुरु हुआ सत्यापन अभियान
नई दिल्ली।
तहलका 24×7
केंद्र सरकार ने रसोई गैस सब्सिडी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और अपात्र लाभार्थियों पर कार्रवाई के उद्देश्य से देशव्यापी सत्यापन अभियान शुरु कर दिया है।एलपीजी उपभोक्ताओं को मोबाइल संदेश भेजकर उनकी सब्सिडी पात्रता की जांच की जा रही है।सरकार आयकर रिकॉर्ड,बैंकिंग गतिविधियों और आर्थिक स्थिति के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि कौन वास्तव में सब्सिडी का पात्र है।

सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि फर्जीवाड़ा,गलत जानकारी और अपात्र लाभार्थियों के मामलों में सख्ती बरती जाए।जिन उपभोक्ताओं की आय निर्धारित सीमा से अधिक पाई जाएगी,उनकी सब्सिडी रोकी जा सकती है।संदिग्ध मामलों की अलग से गहन जांच भी कराई जा रही है।सरकार का उद्देश्य सब्सिडी का लाभ केवल जरुरतमंद परिवारों तक पहुंचाना बताया जा रहा है, ताकि आर्थिक रुप से सक्षम लोग सरकारी राहत का अनुचित लाभ न उठा सकें।

इसी क्रम में लाभार्थियों के बैंक खातों और दस्तावेजों का भी मिलान किया जा रहा है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े तनाव के बीच ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी सरकार सतर्क दिखाई दे रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल और गैस आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका के चलते सरकार घरेलू सब्सिडी व्यवस्था को अधिक नियंत्रित और लक्षित बनाना चाहती है।सरकारी संदेश मिलने के बाद एलपीजी उपभोक्ताओं में हलचल तेज हो गई है।लोग अपनी सब्सिडी की स्थिति,बैंक खाते और पात्रता मानकों की जानकारी जुटाने में लगे हैं।जानकारों का कहना है कि इस अभियान से फर्जी लाभार्थियों की पहचान होने के साथ ही सब्सिडी वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।

















