वक्फ बिल: क्या मस्जिदों, दरगाहों और मुस्लिम संपत्तियों को जब्त कर लेगी सरकार? केंद्रीय मंत्री ने किया स्पष्ट

वक्फ बिल: क्या मस्जिदों, दरगाहों और मुस्लिम संपत्तियों को जब्त कर लेगी सरकार? केंद्रीय मंत्री ने किया स्पष्ट

नई दिल्ली। 
तहलका 24×7
              अल्पसंख्यक और संसदीय मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ विधेयक के तहत कोई जमीन नहीं ली जाएगी। उन्होंने कहा कि संयुक्त संसदीय समिति (JPC) द्वारा प्रस्तुत वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर लोकसभा में विचार किया जाना चाहिए। रिजिजू ने कहा कि जेपीसी में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा भारतीय संसद के इतिहास में अभूतपूर्व रही है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि समिति ने 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विभिन्न समुदायों और वक्फ बोर्डों का प्रतिनिधित्व करने वाले 284 प्रतिनिधिमंडलों की बात सुनी। उन्होंने कहा, वक्फ विधेयक के तहत कोई जमीन नहीं ली जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि विधेयक मुसलमानों के अधिकारों को प्रभावित नहीं करेगा और ये सिर्फ निराधार अफवाहें हैं। लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा दिल्ली में 1970 से चल रहा एक मामला सीजीओ कॉम्प्लेक्स और संसद भवन समेत कई संपत्तियों से जुड़ा हुआ है।
दिल्ली वक्फ बोर्ड ने इन संपत्तियों को वक्फ संपत्ति होने का दावा किया था।मामला अदालत में था, लेकिन उस समय यूपीए सरकार ने 123 संपत्तियों को गैर-अधिसूचित करके वक्फ बोर्ड को सौंप दिया था। कहा हमने यह संशोधन पेश नहीं किया होता तो जिस संसद भवन में हम बैठे हैं, उस पर भी वक्फ संपत्ति होने का दावा किया जा सकता था। अगर पीएम मोदी सरकार सत्ता में नहीं आती तो कई संपत्तियां गैर-अधिसूचित हो जातीं।

# क्या मस्जिदों, दरगाहों को जब्त कर लेगी सरकार? 

लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा 2013 के बाद हमने वक्फ प्रावधानों में वक्फ यूजर्स के लिए कुछ बदलाव किए और कुछ लोगों ने चिंता जताई। उनका कहना है कि वक्फ यूजर्स प्रोविजन को हटाने के बाद सरकार मस्जिदों, दरगाहों और मुस्लिम संपत्तियों को जब्त कर लेगी। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम सभी अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हो सकते हैं, लेकिन हम सभी भारतीय हैं। वक्फ यूजर्स प्रोविजन को हटाने के बाद भी हमने इन संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की है। धार्मिक प्रथा में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। 
किरेन रिजिजू ने दावा किया कि वक्फ बिल किसी भी तरह से किसी भी धार्मिक व्यवस्था, किसी भी धार्मिक संस्था या किसी भी धार्मिक प्रथा में हस्तक्षेप नहीं करता है। वक्फ बोर्ड के प्रावधानों का किसी मस्जिद, मंदिर या धार्मिक स्थल के प्रबंधन से कोई लेना-देना नहीं है। यह केवल संपत्ति प्रबंधन का मामला है। हालांकि, वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन वक्फ बोर्ड और मुतवल्ली करते हैं। अगर कोई इस बुनियादी अंतर को जानबूझकर नहीं समझना चाहता है, तो मेरे पास इसका कोई समाधान नहीं है।
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