सुल्तानपुर : सैकड़ों कार्डधारकों को बांट दिया सड़ा-घुना चना
सुल्तानपुर। ज़ेया अनवर तहलका 24×7 राशन वितरण में जरूरतमंदों के साथ भद्दा मजाक सामने आया है। भदैंया क्षेत्र के कई गांवों में कोटेदारों ने सैकड़ों कार्डधारकों को सड़ा घुना चना बांट दिया है। चना देखने से ऐसा लगता है कि जैसे उसे कीचड़ से निकालकर पैक कर दिया गया है। चने में घुन भी लगे हैं। कार्डधारकों में बांटा गया चना जानवरों के खाने लायक तक नहीं है। मजबूरी में अगर किसी ने इसे खा लिया तो उसके बीमार होने का खतरा भी है।
कार्डधारकों में वितरण के लिए गेहूं व चावल कोटे की दुकानों पर पहुुंचाया जाता है, जबकि चना व नमक कोटेदारों को विपणन गोदाम से ले जाना पड़ता हैं। इस समय में जुलाई माह के राशन वितरण के साथ प्रति कार्ड एक किलोग्राम चना व एक लीटर रिफाइंड का वितरण किया जा रहा है। कार्डधारकों में बांटा जाने वाला चना घटिया व खराब किस्म का है। सप्ताह भर से क्षेत्र के सेमरी, बालमपुर, पखरौली, गोपालपुर, हनुमानगंज, ऊंचहरा गांव में घटिया चने का वितरण कार्डधारकों को किया गया है। पैकेट में चना सड़ा व घुना है। चने से कीड़े निकल रहे है। कार्डधारकों ने इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की है।
उधर, कोटेदारों का कहना है कि जो चना विपणन गोदाम से मिला है, वे उसी का वितरण कर रहे हैं। इसके लिए चना वितरण करने वाली एजेंसी जिम्मेदार है। शासन ने 10 सितंबर राशन वितरण की अंतिम तारीख तय की है। वितरण तिथि बीतने को केवल एक दिन बचा है। भदैंया ब्लॉक के गोपालपुर समेत कई गांवों के कोटेदार राशन का वितरण कर रहे है, जबकि कई कोटेदार चना व रिफाइंड नहीं मिलने का बहाना बताकर राशन का वितरण नहीं कर रहे हैं।
# पैकेट पर नहीं लिखी पैकिंग की तिथि
कार्डधारकों को वितरित होने वाले चने के पैकेट पर पैकिंग व उत्पादन की तिथि नहीं लिखी गई है। एक्सपायरी तिथि के स्थान पर पैकिंग से छह माह के भीतर इस्तेमाल की वैधता लिखी हुई है। इस संदर्भ में पूर्ति निरीक्षक आशुतोष सिंह ने बताया कि उन्हें विपणन गोदाम पर आए चना के घटिया किस्म का होने की कोई जानकारी नहीं है। इसकी गुणवत्ता परखी जाएगी। रोस्टर को बढ़ाकर राशन का वितरण पूरा किया जाएगा।