22 साल बाद जौनपुर के दो फरार कोटेदार गिरफ्तार,6.29 लाख रुपये के राशन घोटाले का मामला
लखनऊ।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) को 22 वर्ष पुराने राशन घोटाले के मामले में बड़ी सफलता मिली है।ईओडब्ल्यू वाराणसी सेक्टर की टीम ने ‘सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना’ में हुए खाद्यान्न घोटाले के दो फरार आरोपियों को जौनपुर से गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सरपतहा थाना क्षेत्र के हमजापुर निवासी मो. अहमद तथा शाहमऊ निवासी लालबहादुर मौर्य के रुप में हुई है।

दोनों उस समय सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान संचालित करते थे और लंबे समय से फरार चल रहे थे।ईओडब्ल्यू के अनुसार वर्ष 2004-05 में जौनपुर जिले के विभिन्न गांवों में सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत नाली, खड़ंजा,सीसी रोड, पुलिया निर्माण एवं अन्य विकास कार्य कराए जा रहे थे।योजना के तहत मजदूरों को मजदूरी के बदले खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाना था।

जांच में आरोप है कि दोनों कोटेदारों ने कार्य प्रभारी के साथ मिलकर फर्जी मस्टर रोल तैयार कराए और काल्पनिक श्रमिकों के नाम पर खाद्यान्न वितरण दर्शा दिया।इसके बाद वास्तविक मजदूरों को अनाज न देकर करीब 89,869 किलोग्राम खाद्यान्न की कालाबाजारी कर दी गई।इस खाद्यान्न की उस समय की अनुमानित कीमत 6,29,083 रुपये बताई गई है।मामले की विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों के आधार पर कुल 11 आरोपियों के विरुद्ध आरोप प्रमाणित पाए गए।इस संबंध में ईओडब्ल्यू वाराणसी थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 477ए, 120बी और 34 के तहत मुकदमा दर्ज है।

पुलिस महानिदेशक,ईओडब्ल्यू के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दोनों आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार किया गया।पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश करने की तैयारी शुरु कर दी है।ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि आर्थिक अपराधों में वर्षों से फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

















