13.1 C
Delhi
Saturday, January 24, 2026

30 दिसंबर को मिला ज्वाइनिंग लेटर और 31 दिसंबर को रिटायर हो गईं महिला टीचर

30 दिसंबर को मिला ज्वाइनिंग लेटर और 31 दिसंबर को रिटायर हो गईं महिला टीचर                      

जमुई। 
तहलका 24×7 
              बिहार के जमुई में एक शिक्षिका अपनी ज्वाइनिंग से ठीक एक दिन बाद रिटायर हो गईं। मामला जमुई जिले के खैरा प्रखंड अंतर्गत प्लस टू उच्च विद्यालय शोभाखन का है। जहां कार्यरत अनिता कुमारी के सामने किस्मत ने गजब खेल खेला है। सक्षमता परीक्षा पास करने के बावजूद वह इसका लाभ नहीं ले सकीं।दरअसल महिला टीचर अनीता कुमारी ने दिसंबर 2006 में बतौर पंचायत शिक्षिका जमुई जिले के खैरा प्रखंड स्थित शोभाखान प्लस टू हाई स्कूल में योगदान दिया था।
6 मार्च 2014 को उन्होंने टीईटी पास करने के बाद हाई स्कूल की टीचर के रुप में योगदान दिया। पिछले साल यानी 2024 में उन्होंने सक्षमता वन की परीक्षा पास कर ली। जिसके बाद 30 दिसंबर 2024 को विशिष्ट शिक्षक के रुप में योगदान के लिए उनको नियुक्ति पत्र मिला।
नियुक्ति पत्र के आधार पर अनीता कुमारी को 1 से 7 जनवरी तक उस स्कूल में योगदान करना था लेकिन 31 दिसंबर को 60 वर्ष पूरा होने के कारण वह सेवानिवृत हो गईं। अनिता खुद भी असमंजस में थीं कि वह क्या करें लेकिन 60 वर्ष होने के कारण वह ज्वाइनिंग से एक दिन पहले ही रिटायर हो गईं। स्कूल में उनको विदाई भी दे दी गई।
बातचीत में शिक्षिका अनिता कुमारी ने कहा कि मैं लगातार सरकारी स्कूल में सेवा देती रही हूं। सक्षमता परीक्षा भी अच्छे मार्क्स से उत्तीर्ण किया लेकिन ये मेरा दुर्भाग्य ही है कि जिस दिन मुझे ज्वाइनिंग लेटर मिला, उसके अगले दिन रिटायरमेंट हो गई। इस बात की कसक जरूर रहेगी कि मैं राज्यकर्मी नहीं बन पाई। इसे बिडंबना ही समझिये, ये तो विभागीय प्रक्रिया है, इस पर क्या कर सकते हैं। लेकिन संतोष इस बात का है कि मैंने अपना कार्य अच्छे से पूरा किया है। हालांकि थोड़ी सी कसक इस बात की रह गई कि हम बस एक दिन के लिए भी राज्यकर्मी नहीं बन सके।

तहलका संवाद के लिए नीचे क्लिक करे ↓ ↓ ↓ ↓ ↓ ↓ ↓ ↓ ↓ ↓ ↓ ↓

Loading poll ...

Must Read

Tahalka24x7
Tahalka24x7
तहलका24x7 की मुहिम... "सांसे हो रही है कम, आओ मिलकर पेड़ लगाएं हम" से जुड़े और पर्यावरण संतुलन के लिए एक पौधा अवश्य लगाएं..... ?

कलियुग में राम नाम जप ही जीने का एकमात्र सहारा

कलियुग में राम नाम जप ही जीने का एकमात्र सहारा सुइथाकला, जौनपुर।  राजेश चौबे  तहलका 24x7               ...

More Articles Like This