अजब-गज़ब तर्क: बारिश में सोना गल गया और बाकी बंदर उठा ले गए! कोर्ट ने जताई सख्त नाराजगी

अजब-गज़ब तर्क: बारिश में सोना गल गया और बाकी बंदर उठा ले गए! कोर्ट ने जताई सख्त नाराजगी

लखीमपुर खीरी। 
तहलका 24×7 
            उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से जुड़ा एक मामला इन दिनों खासा चर्चा का विषय बना हुआ है।19 वर्ष पुराने दहेज हत्या के मुकदमे में आरोपियों के बरी होने के बाद अदालत ने जब्त किए गए सोने के जेवर पीड़ित पक्ष को वापस करने का आदेश दिया था। लेकिन जेवरों की वापसी के दौरान पुलिस की ओर से जो स्पष्टीकरण दिया गया,उसने सभी को हैरान कर दिया।
पुलिस ने अदालत को बताया कि मालखाने में रखे गए अधिकांश सोने के जेवर बारिश में भीगकर खराब हो गए और शेष जेवर बंदर उठा ले गए।इस दलील पर अदालत ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि सोना बारिश में गल या नष्ट नहीं होता।अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि करोड़ों रुपये मूल्य के जेवर मालखाने जैसी संवेदनशील जगह पर खुले में और बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के कैसे रखे गए।
अदालत ने टिप्पणी की कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि जब्त आभूषणों का दुरुपयोग किया गया और बाद में उनकी अनुपलब्धता को छिपाने के लिए रिकॉर्ड में मनगढ़ंत कहानी दर्ज कर दी गई। मामले में करीब एक करोड़ रुपये मूल्य के जेवरात गायब बताए जा रहे हैं।
कोर्ट ने संबंधित जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने और पीड़ित पक्ष को क्षतिपूर्ति देने के निर्देश दिए थे।हालांकि,आदेश के लगभग एक वर्ष बाद भी अपेक्षित कार्रवाई न होने की बात सामने आई है। अब पीड़ित परिवार न्याय के लिए उच्च न्यायालय का रुख करने की तैयारी में है।यह मामला पुलिस मालखानों में जब्त संपत्तियों की सुरक्षा और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।साथ ही यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आखिर करोड़ों रुपये के जेवर वास्तव में कहां गए?
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