अत्यंत मृदुभाषी सरल स्वभाव की धनी प्रशांत पाण्डेय की माताजी ने अपने पीछे दो बेटे तथा दो बेटियों समेत भरापूरा परिवार छोड़ा है। प्रशांत पाण्डेय के पिता क्षेत्र के ही तहसील में अधिवक्ता के रूप में अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। शिक्षक की माता के असामयिक निधन की खबर सुनते ही उनके निवास पर शोकाकुल परिवार को ढ़ाढस बंधाने एवं शोक संवेदना व्यक्त करने वालो का तांता लग गया। शनिवार की देर शाम माताजी का अंतिम संस्कार पिलकिछा घाट पर विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ। उनके बडे़ पुत्र प्रभात कुमार पाण्डेय ने उनको मुखाग्नि दी।