जौनपुर : सपाईयों ने मनाई राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की 297वीं जंयती
जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
समाजवादी पार्टी कार्यालय पर राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की 297वीं जंयती मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते जिलाध्यक्ष लाल बहादुर यादव ने कहा कि अहिल्याबाई एक स्त्री होकर भी उन्होंने न केवल नारी जाति के उत्थान के लिए कार्य किया अपितु समस्त पीड़ित मानवता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया वह एक उज्जवल चरित्र वाली पतिव्रता नारी ममतामई मां तथा उदार विचारों वाली महिला थी।अहिल्याबाई होल्कर सेवा सरलता सादगी मातृभूमि की सच्ची सेविका थी इंदौर घराने की महारानी बनने के बाद भी अभिमान उन्हें छू तक नहीं पाया।

अहिल्याबाई का जन्म 1735 में महाराष्ट्र की ग्राम पाथडरी में हुआ था उनके पिता मनकोजी सिंधिया एक सामान किसान थे सादगी और धर्म निष्ठा से जीवन जीने वाले मनकोजी की अहिल्याबाई एक मात्र संतान थी। अहिल्याबाई एक बुद्धिमान तीक्ष्ण सोच और स्वस्फूर्त शासक के तौर पर याद किया जाता है हर दिन वह अपनी प्रजा से बात करती थी उनकी समस्या सुनती थी। उनके कालखंड में रानी अहिल्याबाई ने ऐसे कई काम किए कि लोग आज भी उनका नाम लेते हैं। अपने साम्राज्य को उन्होंने समृद्ध बनाया उन्होंने सरकारी पैसा बेहद बुद्धिमानी से कई किले विश्राम गृह, कुएं और सड़कें बनवाने पर खर्च किया उन्होंने बहुत से मंदिर का निर्माण किया उन्होंने कई मंदिरों का जीर्णोद्धार किया अहिल्याबाई होल्कर ने सदैव आत्मा का जीवन दिया आलिया बाई होल्कर आज शरीर रूप से हमारे बीच नहीं है किंतु सद्विचारों एवं आत्मा के रूप में हमारे बीच सदैव अमर रहेंगीं।


















