दूल्हा हत्याकांड में नया मोड़, नामजद आरोपी के परिजनों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
# न्याय की गुहार लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे परिजन, उच्चस्तरीय जांच की मांग
जौनपुर।
एखलाक खान
तहलका 24×7
चर्चित दूल्हा हत्याकांड में नया मोड़ उस समय सामने आया जब मामले में नामजद मेडिकल स्टोर संचालक अविनाश सिंह चौहान के परिजन न्याय की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे।परिजनों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।प्रार्थना पत्र देने पहुंचे परिवार के सदस्यों के बीच उस समय भावुक माहौल बन गया जब अविनाश सिंह चौहान की पत्नी ईशा सिंह अपने पति के पक्ष में बात रखते हुए अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं।

मौके पर मौजूद परिजनों और अन्य लोगों ने उन्हें संभाला।इस घटना से वहां मौजूद लोगों में भी भावुकता का माहौल बन गया।अविनाश की बहन काजल किरण सिंह ने आरोप लगाया कि उनके भाई को राजनीतिक रंजिश के तहत मामले में फंसाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रधानी की राजनीति के कारण उनके भाई का नाम इस मामले में शामिल कराया गया है।काजल का दावा है कि पुलिस ने 2 और 4 मई को अविनाश से पूछताछ की थी और उसके बाद उन्हें घर भेज दिया था,लेकिन बाद में 11 मई को दोबारा उनका नाम मामले में जोड़ दिया गया।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यह जांच की जाए कि किन परिस्थितियों में उनके भाई का नाम पुनः प्रकरण में शामिल किया गया।परिजनों का कहना है कि अविनाश सिंह चौहान का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और जिले के किसी भी थाने में उनके विरुद्ध कोई मुकदमा दर्ज नहीं है।परिवार ने यह भी दावा किया कि घटना वाले दिन के सीसीटीवी फुटेज प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध कराए जा चुके हैं।यदि इन फुटेज और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जाए तो मामले की वास्तविकता सामने आ सकती है।ईशा सिंह ने कहा कि उनके पति को पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में आरोपी बनाया जा रहा है।उन्होंने बताया कि उनके तीन छोटे बच्चे हैं और पूरा परिवार अविनाश पर निर्भर है।

उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की।परिजनों ने प्रशासन से सभी उपलब्ध साक्ष्यों,सीसीटीवी फुटेज और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।प्रार्थना पत्र सौंपने वालों में ईशा सिंह,मनसा देवी,काजल किरण सिंह समेत परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।उल्लेखनीय है कि मामले की विवेचना पुलिस द्वारा की जा रही है।आरोपों और दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।प्रशासन की ओर से अभी इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।


















