पूर्व सिपाही के घर लाखों की चोरी, मुकदमा दर्ज न होने से नाराजगी
# अपराधियों का पीछा करने वाला पुलिसकर्मी अब अपनी फरियाद लेकर अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर
जौनपुर।
गुलाम साबिर
तहलका 24×7
वर्षों तक अपराधियों के खिलाफ मोर्चा संभालने वाले पुलिस विभाग के एक पूर्व सिपाही को आज अपने ही घर में हुई चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अधिकारियों के दरवाजे खटखटाने पड़ रहे हैं। मामला नगर कोतवाली क्षेत्र का है,जहां चोरी की घटना के बाद भी मुकदमा दर्ज न होने के आरोप ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नगर कोतवाली क्षेत्र के ख्वाजादोस्त (भोराजीपुर) निवासी रामलखन यादव पुलिस विभाग में सिपाही पद पर कार्यरत रहे हैं।सेवा काल के दौरान उन्होंने कई चर्चित अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई थी।अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पहचान रखने वाले रामलखन यादव अब खुद न्याय की उम्मीद में भटकने को विवश हैं।पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में रामलखन यादव ने आरोप लगाया है कि 10 जून की रात अज्ञात चोरों ने उनके बंद मकान का ताला तोड़कर लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण तथा 20 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए।

घटना की जानकारी अगले दिन नगर कोतवाली पुलिस को लिखित रुप से दी गई,लेकिन अब तक न तो मुकदमा दर्ज किया गया और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई।पीड़ित के अनुसार चोरी गए सामान में सोने का झाला,टप्स,मंगलसूत्र,अंगूठियां,मांगटीका,नथिया,चांदी के सिक्के,पायल,करधन,चांदी का गिलास समेत अन्य कीमती आभूषण शामिल हैं।चोरी से परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

रामलखन यादव का कहना है कि थाना स्तर पर कोई सुनवाई न होने के कारण उन्हें पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत करनी पड़ी।मामला पुलिस महकमे और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।लोगों का कहना है कि एक पूर्व पुलिसकर्मी को अपनी शिकायत पर कार्रवाई के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं तो आम नागरिकों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।

















